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उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड झांसी के निर्मल हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टर डी एन मिश्रा जनरल फिजिशियन एवं निदेशक निर्मल हॉस्पिटल के पुत्र डॉक्टर मनोज मिश्रा जनरल फिजिशियन के द्वारा निर्मल हॉस्पिटल में लगभग सभी प्रकार के उपचार की विद्वत व्यवस्थाएं हैं, हृदय रोग जांच संबंधी मशीने और उपकरण हैं, जिससे मरीज की जांच करके समुचित रूप से उसका सही इलाज किया जाता है, और हर प्रकार के मरीज के लिए डॉक्टरों की उपस्थिति रहती है आकस्मिक सेवाएं उपलब्ध है या अन्य किसी प्रकार की अस्पताल से संबंधित कोई व्यक्ति बीमार आता है डॉक्टर 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं, और कठिन स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए अगर डॉक्टर उपलब्ध कराने होते हैं तो कुछ ही क्षणों में डॉक्टर आ जाते हैं और मरीज का इलाज समुचित तरीके से किया जाता है, निर्मल हॉस्पिटल में एक सबसे बड़ी विशेष व्यवस्था है यहां पर मरीजों के साथ व्यवहार निर्मल हॉस्पिटल के हर व्यक्ति नर्स से लेकर सभी स्टाफ बहुत ही उत्तम और अच्छे लोगों का चयन करके रखते हैं जिससे मरीजों में समन्वय बना रहे और जो मरीज गंभीर हैं उनके लिए समुचित सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं और अन्य अस्पतालों से यहां पर बेहतर इलाज और मरीज के साथ व्यवहार किस तरह किया जाना चाहिए और निर्मल हॉस्पिटल से लोगों को सीखने को मिलता है। अस्पतालों में मरीज के प्रति व्यवहार और स्टाफ का व्यवहार सब ठीक होता है तो मरीज को मन में बहुत ही संतुष्ट प्राप्त होती है। मैं निर्मल हॉस्पिटल को नहीं जानता था, मेरे एक मित्र वहां पर भर्ती थे मैं गया वहां की व्यवस्था और व्यवहार को देखकर मैं गदगद हो गया डॉक्टर साहब इस तरह मरीज को देख रहे थे जैसे परिवार के लोग व्यवहार करते हैं, मैं जिस मरीज के पास गया था मैंने उनसे (मरीज)से पूछा डॉक्टर कितने बजे आते हैं देखने तो उन्होंने कहा यही तो डॉक्टर हैं मैंने कहा वह क्या डॉक्टर साहब है, इस तरह के अगर डॉक्टर हर जगह हो जाए तो मुझे लगता मरीज को दवाइयां से अच्छा उनका व्यवहार कुछ बीमारी दूर करेगा, जीना मरना ऊपर वालों के हाथ में है, लेकिन मरीज और डॉक्टर के बीच जो समन्वय है मधुरता का आधा रोग इससे भी ठीक हो जाता है मन से मरीज स्वस्थ हो जाता है।
देवेश प्रताप सिंह राठौर, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




