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भिण्ड। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव अपनी ईमानदारी और कार्य प्रणाली को लेकर हमेशा सुर्ख़ियों में रहे, उनकी ईमानदारी और रेत माफियाओं पर अंकुश ये कार्य उनका भिण्ड के राजनीतिक गलियारों में पसंद नहीं किया गया कुछ राजनीतिक लोगों ने तो भिण्ड कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
एक्शन के नाम से अपनी छाप छोड़ जाने वाले कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को भिण्ड की जनता हमेशा याद रखेंगी।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की कार्य शैली को भी एक बार जरूर समझने की जरूरत है।
1.भिण्ड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने जब से अपना कार्य भार संभाला तब से ही उन्होंने जिले में अवैध रेत नहीं चलने दिया,मगर।
भिण्ड में रेत बंद करवाना, सांप के बिल में हाथ डालने के बराबर है, फिर भी संजीव श्रीवास्तव ने रेत माफियाओं पर अंकुश लगाने का काम किया।
2. उन्होंने अपने कार्यकाल में कई अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित भी किया जो सही ढंग से अपना कार्य नहीं करते हैं,और ऐसे कुछ लोग नेताओं के संरक्षण में हैं।
3. भिण्ड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के कार्य से जिले में आम लोग तो खुश थे,
मगर कुछ लोगों के पेट में दर्द था,दर्द उन लोगों के पेट में बना हुआ था जिनके कनेक्शन कहीं न कहीं रेत माफियाओं से जुड़े हुए हैं
4. कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने ज्यादा तर ध्यान शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर दिया,जिला चिकित्सालय में काफी सुधार देखने को मिला
5. कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के कार्य से राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल सा आ गया था, क्यों कि रेत माफियाओं के तार कहीं न कहीं राजनीति में भी जुड़े हुए है
6. सबसे ज्यादा ध्यान उन्होंने क्षेत्र की जनता पर दिया




