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झांसी। जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही और शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ झांसी प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित आईजीआरएस (IGRS), मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 और ऑनलाइन शिकायतों की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों ने अब तक शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनका फीडबैक नहीं लिया है, उनका वेतन रोक दिया जाए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसामान्य की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
20 विभागों का फीडबैक 100% असंतुष्ट, जिलाधिकारी ने जताई कड़ी नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान जनपद के 20 विभागों का फीडबैक शत-प्रतिशत (100%) असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कुल शिकायतों की स्थिति: जनपद में शासन स्तर पर कुल 3,869 निस्तारित शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिसमें से 1,940 शिकायतों का फीडबैक असंतोषजनक मिला, जो बेहद चिंताजनक है।
विभागवार खराब प्रदर्शन की स्थिति:
तहसील गरौठा: 75 शिकायतों के फीडबैक में 57 असंतोषजनक।
तहसील टहरौली: 55 शिकायतों के फीडबैक में 42 असंतोषजनक।
समाज कल्याण विभाग: 275 शिकायतों में से 146 का निस्तारण असंतोषजनक पाया गया।
एल.डी.एम. (पंजाब नेशनल बैंक): कुल 21 शिकायतों में से 15 का फीडबैक नेगेटिव (असंतोषजनक) रहा।
जिलाधिकारी ने इन सभी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी है।
100% स्थलीय निरीक्षण और सीधे संवाद के निर्देश
जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग, नगरपालिका/नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं जल संस्थान के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये विभाग 100% स्थलीय निरीक्षण (Ground Verification) करें और सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क कर फीडबैक लें।
“बार-बार आ रही (रैपिड/डिफॉल्टर) शिकायतों की विभागीय अधिकारी खुद समीक्षा करें। अगर अधीनस्थों द्वारा गलत आख्या लगाकर शिकायत का सही निस्तारण नहीं किया गया है, तो उनकी जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए।”
— गौरांग राठी, जिलाधिकारी (झांसी)
जून महीने में शिकायतों के निस्तारण में आई गिरावट
बैठक में उपस्थित ई.डी.एम. श्री आकाश रंजन ने डेटा प्रस्तुत करते हुए बताया कि माह जून में सभी विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षाकृत कम रुचि ली गई, जिसके कारण जनपद की रैंकिंग और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति में गिरावट आई है।
वहीं, नोडल अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेन्द्र कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसंवाद के दौरान शिकायतकर्ता से मिलने वाले फीडबैक को अनिवार्य रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी (नमामी गंगे) योगेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी सुश्री सौम्या अग्रवाल सहित समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




