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ब्यूरो रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी। देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि की स्मृति में 1 जुलाई को देश भर में ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ (National Doctors’ Day) मनाया गया। इस खास मौके पर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध निर्मल हॉस्पिटल के डिप्टी डायरेक्टर व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज मिश्रा ने सभी को बधाई संदेश दिया।
डॉ. मनोज मिश्रा ने आम जनता से अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि लोग स्वस्थ रहें और योग जैसी उत्तम आदतों को अपनी दैनिक दिनचर्या में जरूर शामिल करें।
बुंदेलखंड में विश्वसनीयता का दूसरा नाम: निर्मल हॉस्पिटल
झांसी का निर्मल हॉस्पिटल अपने अनुभवी डॉक्टरों और बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं के लिए पूरे बुंदेलखंड में एक बड़ा नाम है। इस अस्पताल के निदेशक डॉ. डी. एन. मिश्रा हैं, जो झांसी मेडिकल कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष और पूर्व प्रोफेसर रह चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में अस्पताल क्षेत्र के मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है।
उनके पुत्र और अस्पताल के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा झांसी के सबसे अनुभवी और प्रतिष्ठित जनरल फिजिशियन में से एक हैं। डॉ. मनोज मिश्रा प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का सफलतापूर्वक और बेहद किफायती दरों पर इलाज करते हैं। कम दामों पर सटीक और विश्वसनीय इलाज करने के कारण मरीजों के दिलों में उनके प्रति एक अटूट विश्वास और अच्छी छवि बनी हुई है।
एक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाएं और कम खर्च में डायलिसिस
निर्मल हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीक और मशीनें उपलब्ध हैं। यहाँ एक ही छत के नीचे:
आधुनिक पैथोलॉजी लैब
सीटी स्कैन (CT Scan) और अल्ट्रासाउंड
डिजिटल एक्स-रे मशीन
विभिन्न प्रकार की जटिल जांचों के लिए उन्नत मशीनें
इसके साथ ही, अस्पताल में किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस की विशेष व्यवस्था है। यहाँ बहुत ही कम और उचित दामों पर कुशल डॉक्टरों की देखरेख में डायलिसिस किया जाता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिल रही है।
क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे?
यह विशेष दिन देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की याद में मनाया जाता है। चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है। खास बात यह है कि डॉ. रॉय का जन्म और निधन दोनों एक ही तिथि यानी 1 जुलाई को हुआ था, इसीलिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर पूरा देश चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए इस दिन को मनाता है।




