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उन्नाव, 17 अप्रैल 2026: जनपद के कीटनाशी लाइसेंस धारकों के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। कृषि निदेशालय उत्तर प्रदेश और अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) के निर्देशों के बावजूद, पंजीकरण में लापरवाही बरतने वाले विक्रेताओं को अब केवल 24 घंटे की अंतिम मोहलत दी गई है।
लक्ष्य से पीछे जिला: 1882 में से केवल 937 का पंजीकरण
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद उन्नाव में कुल 1882 कीटनाशी विक्रय केंद्र पंजीकृत हैं। शासन ने इन सभी को IPMS (Integrated Pest Management System) पोर्टल पर 01 अप्रैल तक शत-प्रतिशत पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभाग की बार-बार की अपील और बैठकों के बाद भी अब तक केवल 937 विक्रेताओं ने ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की है।
अधिकारियों ने दी अंतिम मोहलत
कृषि रक्षा अधिकारी, उन्नाव ने जानकारी देते हुए बताया कि अवशेष कीटनाशी लाइसेंस धारकों को अब अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है। सभी संबंधित विक्रेताओं को 18 अप्रैल 2026 की शाम तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा।
इन माध्यमों से दी गई थी सूचना
विभाग ने पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए पहले भी कई कदम उठाए थे, जिनमें शामिल हैं:
विभागीय पत्रों और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सूचना।
व्हाट्सएप समूहों और बैठकों के जरिए निरंतर निर्देश।
कार्यालय स्तर पर व्यक्तिगत संपर्क।
कार्रवाई की तैयारी
कृषि रक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा (24 घंटे) के भीतर पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित लाइसेंस धारकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस का निलंबन या निरस्तीकरण भी शामिल हो सकता है।
रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर
ब्यूरो, जनपद उन्नाव/झांसी




