जी भारत न्यूज24
मोदी सरकार के पास कोई विकास की सोच नहीं रही
भिण्ड । भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा पेश किए गए जनविरोधी बजट के विरोध में ऊमरी बाजार में कनावर तिराहे से पांडरी तिराहा तक ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसजनों ने पैदल मार्च कर आमजन एवं व्यापारियों से जनसंपर्क कर चर्चा करते हुए विरोध प्रदर्शन कर हाथों में झुनझुना लेकर भाजपा सरकार के बजट को “ झुनझुना बजट ” करार दिया। राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार मोहनलाल शर्मा को ज्ञापन पत्र सौंपा।
ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि मोदी जी कहते थे- हर साल 2 करोड़ नौकरियां दूंगा लेकिन असलियत यह है,कि वो बड़ी – बड़ी इंडस्ट्री बेच रहे हैं। ऐसे में रोजगार कैसे और कहाँ से आएगा ? पब्लिक सेक्टर में जाने वाले गरीब तबके की नौकरी को ख़त्म करना ही इनकी असली मंशा है। मोदी जी सबकुछ अपने चहेतों को सौंपना चाहते हैं। मोदी जी विकसित भारत की बात करते हैं लेकिन सवाल है- पैसा कहां है ? मोदी जी को झूठे वादे करने की आदत है और उनके वादे कभी पूरे नहीं होते।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट- 2026 ने यह साफ़ ज़ाहिर कर दिया है,कि गांव,किसान, खेती यह सब इनके प्राथमिकता में है ही नहीं। कृषि और संबंधित कार्यों के लिए बजट आवंटन पिछले वर्ष (2025-26) के 3.38 प्रतिशत से घटकर इस वर्ष (2026-27) के बजट में मात्र 3.04 प्रतिशत रह गया है। यह सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। पूँजीपतियों की यह सरकार किसान व मजदूर वर्ग की कभी हितैषी नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि बजट भारत की आर्थिक,सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के लिए एक सवाल लेकर बैठा है। इस बजट में गरीब तबके के लिए कुछ नहीं है। बजट में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
इकॉनमिक सर्वे दिखाता है,कि व्यापार में अनिश्चितता भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है,लेकिन बजट इस समस्या को मुश्किल से ही स्वीकार कर रहा है। रुपए की गिरावट से निपटने के लिए भी सरकार के पास कोई योजना नहीं है। भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल संकट ठहरा हुआ वेतन,कमजोर उपभोक्ता मांग और निजी निवेश में सुस्ती है,लेकिन बजट में उपभोक्ता मांग को गति देने का कोई विचार नहीं दिखता है।
बघेल ने कहा कि वहीं,इस बजट में कर्ज के बढ़ते बोझ पर भी ध्यान नहीं दिया गया है। इस बजट में शिक्षित युवाओं में फैले व्यापक बेरोजगारी संकट के समाधान से जुड़ी कोई बात नहीं है। वित्त आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करना होगा, लेकिन वे गंभीर वित्तीय दबाव में चल रही राज्य सरकारों को कोई राहत देते नहीं दिख रही हैं । असमानता ब्रिटिश राज के दौर को पार कर गई है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया है । इसके साथ ही एससी-एसटी, पिछड़े वर्ग,ईडब्ल्यूएस या अल्पसंख्यकों के लिए किसी प्रकार की सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है। सरकार ने पिछले साल के आवंटित बजट में शिक्षा,स्वास्थ्य, सोशल जस्टिस जैसे कई जरूरी क्षेत्रों में पूरा बजट ही खर्च नहीं किया।
उन्होंने कहा कि वैसे मोदी सरकार का नारा है- ‘ सबका साथ,सबका विकास ‘, लेकिन बजट के आंकड़े दिखाते हैं,कि शिक्षा में पैसा खर्च नहीं किया और बजट भी पिछले साल के मुकाबले घटा दिया गया। पहले की सरकारें शिक्षा,स्वास्थ्य और छात्रों को स्कॉलरशिप पर ज्यादा जोर देती थीं। वित्त मंत्री ने एक भी बार स्कूलों का जिक्र नहीं किया और सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को लेकर एक भी घोषणा नहीं की। इसके अलावा, मनरेगा की जगह आए नए कानून के बजट के बारे में कोई जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि ये एक थकी हुई और रिटायर हो चुकी सरकार का बजट है। पहले तो ये पैसा नहीं देना चाहते और ऊपर से मिले बजट को भी खर्च नहीं करते हैं। श्री मोदी गुड गवर्नेंस की बात करते हैं,लेकिन वे लोगों की भलाई के लिए कोई कदम नहीं उठाना चाहते। इसलिए आमजनता और कांग्रेसजन इस बजट को पूरी तरह से बहिष्कृत करते हैं। ये लोगों के हित में नहीं है और इसका लोगों के लिए कोई उपयोग नहीं है। मोदी सरकार के इस बजट की घोषणा के बाद शेयर मार्केट गिर गया। हर क्षेत्र में यह सरकार विफल हो चुकी है। यह बजट गरीबों,युवाओं के हित में नहीं है। महंगाई कैसे कम होगी,रोजगार कैसे पैदा होंगे,इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। ये बजट सिर्फ रिपीटेशन और रीसाइक्लिंग है। इस बजट में देश को नई दिशा देने का काम किया जाना चाहिए था,मगर वो नहीं हुआ। यहां तक कि मोदी सरकार ने अपने वादों को भी नकार दिया।
विरोध प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष महेश जाटव,उदय सिंह यादव,ओमप्रकाश पांडे,
मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी,ब्लॉक अध्यक्ष ग्रामीण महेंद्रपाल सिंह राजावत,वीरेंद्र सिंह यादव,रामसेवक मौर्य,जनवेद सिंह यादव,कुलदीप सिंह राजावत,अतुल सिंह यादव,तुलसीराम जाटव रमगणा,रामप्रकाश दिवाकर, अभिलाख सिंह यादव,संदीप बघेल,नीरज,प्रमोद बघेल,रोहित अर्गल,नीरज यादव,आशीष, शिवकुमार यादव,योगेंद्र सिंह सोबरन सिंह यादव,पातीराम दौहरे, विजय सिंह राजावत,योगेंद्र सिंह,अनाम दर्सी विजय,मोनू,साका,संजीव, गोलू ,पवन,आकाश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्लित रहे।




