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भोपाल: आदेश के उल्लंघन पर बैंक ऑफ बड़ौदा पर गिरी गाज, शासकीय लेन-देन की सूची से नाम विलोपित।
भोपाल: मध्यप्रदेश शासन के संस्थागत वित्त संचालनालय (Directorate of Institutional Finance) ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को आगामी 5 वर्षों के लिए सभी प्रकार के शासकीय व्यवसाय और लेन-देन करने से प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है। सरकार के इस सख्त आदेश के बाद अब बैंक ऑफ बड़ौदा प्रदेश सरकार के किसी भी विभाग का खाता या वित्तीय लेन-देन नहीं संभाल सकेगा।
💥 क्या है पूरा मामला? क्यों लगा बैन?
जारी किए गए सरकारी आदेश के मुताबिक, पूरा मामला मुख्यमंत्री किसान योजना के तहत करोड़ों रुपये की शासकीय राशि को ट्रेजरी (खजाने) में ट्रांसफर न करने से जुड़ा है।
दरअसल, आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा को निर्देशित किया गया था कि मुख्यमंत्री किसान योजना के खाता क्रमांक 59160100001021 में मौजूद ₹17,51,98,06,724/- (सत्रह सौ इक्यावन करोड़ अट्ठानवे लाख छह हजार सात सौ चौबीस रुपये) की भारी-भरकम राशि को मध्यप्रदेश शासन, कृषि विभाग के रिसीप्ट हेड में ‘साइबर ट्रेजरी’ के माध्यम से जमा कराया जाए।
लेकिन, बैंक ऑफ बड़ौदा शासन के इस बेहद महत्वपूर्ण आदेश का पालन करने में पूरी तरह विफल रहा। सरकार ने माना है कि बैंक के इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यव्यवहार और कृत्य से मध्यप्रदेश शासन को अपूरणीय क्षति हुई है।
🚫 लिस्ट से काटा गया बैंक का नाम
बैंक की इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए आयुक्त संस्थागत वित्त (म.प्र.) ने बैंक ऑफ बड़ौदा को तत्काल प्रभाव से आगामी 5 वर्षों तक के लिए किसी भी तरह के शासकीय कार्य करने से ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया है। इसके साथ ही, विभागों के कोष विनियोजन हेतु वित्त विभाग द्वारा जारी अधिकृत बैंकों की सूची (परिशिष्ट-1) से भी बैंक ऑफ बड़ौदा का नाम विलोपित (हटा) दिया गया है।
📢 इन सभी विभागों को जारी हुआ आदेश
यह आदेश शासन के समस्त विभागाध्यक्षों, राजस्व मण्डल, समस्त संभागायुक्तों, समस्त बजट नियंत्रण अधिकारियों सहित राज्य शासन के समस्त निकायों, निगमों, मण्डलों, बोर्डों, उपक्रमों और विश्वविद्यालयों को सख्ती से पालन करने हेतु भेज दिया गया है।
इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के सचिव, मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव (वित्त), सभी जिला कोषालय अधिकारियों और बैंक ऑफ बड़ौदा के आंचलिक कार्यालय भोपाल को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।




