जी भारत न्यूज24
उन्नाव | न्यूज़ डेस्क उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के अचलगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मंगेतर जोड़े ने सुसाइड कर लिया। जिस घर में नवंबर में शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। इस पूरी घटना के पीछे एक कथित प्रेमी द्वारा भेजे गए फोटो-वीडियो और समाज के तानों को वजह बताया जा रहा है।
खुशियों के बीच ‘तीसरे’ की एंट्री से मचा कोहराम
जानकारी के अनुसार, गौरी गांव निवासी सूरज (25) और राजापुर गांव की कोमल (23) की सगाई 16 फरवरी को धूमधाम से हुई थी। दोनों परिवार नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियों में जुटे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन करीब एक सप्ताह पहले सूरज के व्हाट्सएप पर एक युवक ने कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजे। मैसेज भेजने वाले ने खुद को कोमल का प्रेमी बताते हुए शादी तोड़ने की धमकी दी।
विवाद, तनाव और फिर मौत का सिलसिला
इन मैसेजेस के बाद सूरज और कोमल के बीच अनबन शुरू हो गई। सूरज मानसिक तनाव में रहने लगा और इसी अवसाद के चलते गुरुवार दोपहर उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जब सूरज की मौत की खबर कोमल तक पहुंची, तो वह अपने पिता के साथ अंतिम बार मंगेतर को देखने उसके घर गई। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कुछ महिलाओं और ग्रामीणों ने कोमल को ही सूरज की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उसे काफी खरी-खोटी सुनाई और ताने दिए।
तानों से आहत होकर युवती ने उठाया खौफनाक कदम
मंगेतर की मौत का गम और ऊपर से मिले तानों ने कोमल को गहरे सदमे में डाल दिया। घर लौटकर देर रात करीब 11 बजे उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान रात 1 बजे कोमल ने भी दम तोड़ दिया।
मामले के मुख्य बिंदु:
मृतक: सूरज (गौरी गांव) और कोमल (राजापुर गांव)।
कारण: कथित प्रेमी द्वारा भेजे गए वीडियो और सामाजिक प्रताड़ना।
पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने सूरज का मोबाइल जब्त कर लिया है और व्हाट्सएप चैट्स की जांच की जा रही है।
पुलिस का बयान
अचलगंज थाना प्रभारी बृजेश शुक्ला ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस उस संदिग्ध व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने सूरज को मैसेज भेजकर प्रताड़ित किया था।
संपादकीय टिप्पणी: सोशल मीडिया और डिजिटल संदेशों का दुरुपयोग किस कदर जिंदगियां तबाह कर सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता प्रमाण है। समाज को भी ऐसी घड़ी में संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता है।




