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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में औद्योगिक क्षेत्रों में सुचारू और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की।
सीडीओ ने कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि झांसी औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी संवेदनशील होकर तेजी से कार्य करें।
“प्रदेश की जीडीपी में बुंदेलखंड के उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान”
बैठक की शुरुआत में सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश की आर्थिकी और जीडीपी में बुंदेलखंड क्षेत्र के उद्योगों की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने उद्योगों को बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के निर्देश दिए, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ ही शासन को मिलने वाले राजस्व (रेवेन्यू) में भी बढ़ोतरी हो सके।
हर महीने उद्योगपतियों से संवाद करेंगे जेई: मुख्य अभियंता
बैठक के दौरान एक अभिनव पहल की घोषणा करते हुए मुख्य अभियंता ज्ञानेन्द्र सिंह ने निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े सभी अवर अभियंता (JE) और उप-खंड अधिकारी (SDO) हर महीने नियमित रूप से क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे। इससे उनकी समस्याओं का समयबद्ध और त्वरित निराकरण हो सकेगा। मुख्य अभियंता ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि वे बेझिझक कमियां बताएं, विभाग उन्हें समय पर दूर करेगा।
इसके साथ ही, सीडीओ ने अधिकारियों को आज से ही ‘पेन फुल पॉइंट’ (समस्याग्रस्त बिंदुओं) का सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि आंधी-तूफान के समय ट्रांसफार्मर, जर्जर लाइनों और आसपास की झाड़ियों के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित न हो।
उद्योगपतियों ने रखी समस्याएं, अधिकारियों ने दिया समाधान का भरोसा
कोल्ड स्टोरेज और स्टोन क्रेशर की समस्याएं: भगवंत पुरा के 45 साल पुराने कोल्ड स्टोरेज के संचालक पवन जैन ने बताया कि वे प्रतिमाह करीब 70 लाख रुपये का बिजली बिल चुकाते हैं, लेकिन ट्रैपिंग और सुचारू आपूर्ति न मिलने से परेशानी होती है। वहीं, 90 स्टोन क्रेशरों के प्रतिनिधि राजीव मेहता ने बताया कि क्षेत्र से करीब 1 करोड़ रुपये मासिक रेवेन्यू दिया जाता है, लेकिन खदानों के ऊपर से गुजरी खतरनाक विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग बेहद जरूरी है ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
प्रमुख उद्योगपतियों की सहभागिता: बैठक में नरेश कुमार अग्रवाल, अशोक आनंदानी (गोरा मछिया), पीतांबरा बुक पब्लिशर्स और घड़ी डिटर्जेंट के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर अधिकारियों ने प्राथमिकता से निस्तारित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष धीरज खुल्लर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिलने से उत्पादन और जीडीपी दोनों में उछाल आएगा। मंच का सफल संचालन संयुक्त सचिव अमित सिंह ने किया।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता ज्ञानेन्द्र सिंह, ग्रामीण अधीक्षण अभियंता अफरोज आलम, नगरीय अधीक्षण अभियंता पुष्कर सिंह, अधिशासी अभियंता विवेक कुमार व रवीन्द्र कुमार सहित चैंबर के पवन सरावगी, अतुल अग्रवाल, अजय सिजरिया, अतुल दुबे, संजय गुप्ता और अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।




