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भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। शहर के भीम नगर में बीती 29 जुलाई को हुए मामूली विवाद में दबंगों के हमले का शिकार हुए युवक दीपक खत्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर शव के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
मामूली विवाद में दबंगों ने बोला था धावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीम नगर निवासी दीपक खत्री (पिता रमेश खत्री) पर 29 जुलाई को कुछ स्थानीय दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में गंभीर रूप से घायल दीपक को परिजनों ने तुरंत जिला अस्पताल भिंड में भर्ती कराया था। हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया था। ग्वालियर में ज़िंदगी और मौत से लड़ते हुए बीते दिन 1 अगस्त की सुबह दीपक की मौत हो गई।
हाथ ठेले पर शव रखकर निकाला जुलूस
जैसे ही दीपक का शव भिंड पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और उनका आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों ने मृतक दीपक के शव को एक हाथ ठेले पर रखा और भिंड के सबसे व्यस्ततम शास्त्री चौराहे से सिटी कोतवाली तक जुलूस निकाला। सड़क पर शव के साथ परिजनों का रोना और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
5 में से 3 आरोपी अब भी बेखौफ!
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर ढिलाई का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इस खूनी वारदात में कुल 5 लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अब तक महज 2 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है। 3 मुख्य आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।
सिटी कोतवाली के बाहर हंगामा, पुलिस ने कराया शांत
कोतवाली थाने के बाहर परिजनों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर बाकी 3 आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस को इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या पीड़ित परिवार को समय पर इंसाफ मिल पाएगा या दबंगों के हौसले ऐसे ही बुलंद रहेंगे?




