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उन्नाव। उत्तर प्रदेश शाक्ति नगर निवासी दिव्या अवस्थी का परिवार पिछले कई वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहा है। मामला वर्ष 2018–19 में हुई ज़मीन खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय टेलर पप्पू टेलर पर 1950 गज़ ज़मीन के सौदे में 57 लाख रुपये हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता के अनुसार, पेपर मिल क्षेत्र के खसरा नंबर 418 की भूमि का सौदा 6000 रुपये प्रति गज़ की दर से तय हुआ था, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 17 लाख रुपये थी। इसमें से 60 लाख रुपये का भुगतान राजू मास्टर की मौजूदगी में अलग-अलग तारीखों को किया गया। लेकिन शेष 57 लाख रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया गया। परिस्थितियां तब और दर्दनाक हो गईं जब हत्या के एक पुराने मामले में पीड़िता और उसका पूरा परिवार जेल भेज दिया गया। राजनीतिक दबाव के चलते यह परिवार करीब 4.5 साल तक जेल में रहा। इस दौरान उनकी खरीदी गई भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्ज़ा कर निर्माण भी कर लिया गया, जिसकी शिकायत लगातार थाने में की जाती रही। 6 दिसंबर 2024 को जेल में ही पीड़िता के पति का निधन हो गया। 15 दिन बाद जब वह पैरोल पर बाहर आईं, तब उन्होंने पप्पू टेलर से बकाया रकम वापस करने की मांग की, जिस पर तत्काल भुगतान का आश्वासन मिला। लेकिन मार्च 2025 में नियमित ज़मानत पर रिहा होने के बाद पता चला कि कोई भुगतान नहीं हुआ। संपर्क करने पर यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने अपना निवास बदल लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि उन पर अन्य कई लोगों से लेन-देन और धोखाधड़ी के आरोप पहले से भी दर्ज हैं, जिससे पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ गई है। पति की मृत्यु और आर्थिक संकट से जूझ रही दिव्या अवस्थी मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद प्रभावित हैं। परिवार का कहना है कि यह मामला सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि विश्वास, आजीविका और न्याय का भी है। अब पीड़िता ने कोतवाली गंगाघाट, शुभलखनगर के उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई और रकम वापसी की मांग की है। पीड़ित परिवार की मांग — ज़मीन सौदे की शेष राशि 57 लाख रुपये की वापसी और आरोपी के ख़िलाफ़ निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग़रीब और शोषित परिवार के साथ हुए इस अन्याय पर प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके।




