जी भारत न्यूज24
भारत देश में वैसे भी हिंदू एकजुट नहीं हो रहा है जातियों में बट रहा है जिस कारण देश में दंगे फसाद का दौर पूर्व सरकारों में होता आया अब थोड़ा थमा है तो यह कानून आ गया यूजीसी हिंदू इसी तरह चलता रहता है, और कटता रहेगा बटता रहेगा लेकिन सरकार हिंदुत्व को भटकाने और अलग होने के लिए कोई न कोई नियम कानून बना ही दिया जाता है, जिसके कारण हिंदू कभी एकजुट नहीं हो सकता ऐसी व्यवस्था पैदा कर दी जाती है। सरकार जिस तरह से यूजीसी जो नियम आए हैं, वह वास्तव में बहुत ही गलत है मैंने जितना भी अध्ययन किया है, उसके हिसाब से नियम सही नहीं है इस पर सरकार को विचार करना चाहिए मोदी सरकार के समर्थक जो एक महीने पहले उनके वफादार थे, आज वह सब मोदी जी के इस कानून से बेहद नाराज हैं चलिए अगर यह कानून बना भी दिया गया है तो एक काम और मोदी सरकार करें सामान्य वर्ग के स्कूल अलग कर दे और जो रिजर्वेशन के कोटे के स्कूल अलग हो जाए उनका स्कूल अलग कर दे , इसका भी एक कानून बना दे और सामान्य वर्ग लोग एक स्कूल में पढ़े और हरिजन रिजर्व कोटे के लोग अलग स्कूल में पड़े कोई किसी को दिक्कत पैदा नहीं होगी। नहीं तो यह कानून वापस लेना चाहिए क्योंकि आज कम पढ़ा लिखा व्यक्ति रिजर्व कोटे का अच्छी पोस्ट पर बैठ जाता है, तृतीय स्थान प्राप्त किए लोग, उच्च पद पर बैठ जाते हैं एक ऐसा नियम है आप समानता का नियम लाइए बहुत हो गया रिजर्वेशन का लेनदेन अब देश को बांटो नहीं वैसे भी विदेशी ताकते इतनी लगी हुई है, भारत को कमजोर करने के लिए और जब आप लोग अंदर ही इतने कमजोर होंगे तो फिर कैसे भारत विश्व शक्ति बन सकेगा अच्छी पढ़ाई हो सभी जातियों का सम्मान करें सभी के लिए एक नियम हो सभी के लिए पढ़ाई के लिए एक व्यवस्थाएं बनाएं तभी देश मजबूत होगा नहीं सिर्फ कुर्सी की लड़ाई के लिए लोगों को वाटते रहेंगे इसी तरह देश टूटता रहेगा लोग बटते रहेंगे कटते रहेंगे कुछ नहीं होगा सिर्फ सत्ता की भूखी के चाहने वाले लोग जनता को गर्त में डाल रहे हैं। और सत्ता भी स्थाई नहीं है,भारत देश में यूजीसी कानून जो लागू किया है मोदी सरकार ने यह बहुत ही गलत कानून है भारतीय जनता पार्टी ने अपने पतन की न्यू रख दी है जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के दिल से चाहते थे लोग जो मोदी जी पर गर्व करते थे जो उनका मुख वोट था वह आज रो रहा है जो मोदी को बेहद प्यार करता था, आज भी करता है लेकिन यूजीसी कानून लाने से बहुत दुखी है और इसका परिणाम भारतीय जनता पार्टी को आने वाले समय में काफी नुकसान हो सकता है, केंद्र सरकार को इस पर विचार करना चाहिए यूसीजी कानून क्या है एक नजर में संक्षेप में जाने हर उच्च शिक्षा संस्थान में ‘इक्विटी कमेटी’ गठित करनी अनिवार्य होगी। इस कमेटी में SC, ST, OBC, दिव्यांग (PwD) और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होना चाहिए (आधे से ज्यादा सदस्य इन वर्गों से)।
‘जातिगत भेदभाव’ की परिभाषा में अब स्पष्ट रूप से SC, ST और OBC को शामिल किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान या विकलांगता आधारित अनुचित व्यवहार शामिल है।
शिकायत मिलने पर 24 घंटे में प्रारंभिक कार्रवाई तथा 60 दिनों में जांच पूरी करनी होगी।
शिकायत ऑनलाइन, हेल्पलाइन या अन्य माध्यम से दर्ज की जा सकती है।
उल्लंघन पर संस्थान की मान्यता रद्द हो सकती है, फंडिंग रोकी जा सकती है या आरोपी को चेतावनी, निलंबन, निष्कासन जैसी सजा मिल सकती है।
झूठी शिकायत पर पहले प्रस्तावित जुर्माने का प्रावधान अंतिम नियमों में हटा दिया गया है। अभी हाल में ही कुछ राज्यों के चुनाव में हैं उसमें बीजेपी को अपनी गलती का एहसास हो जाएगा जो उसने यूजीसी कानून हिंदू जात को बांटने का किया है। और प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह वीर मंडल लेकर आए थे और मंडल लागू किया उसके बाद उनकी पार्टी और उनका अस्तित्व धीरे-धीरे देश में खत्म हो गया और सरकार भी ज्यादा दिन नहीं चल पाई थी और अवधेश की जनता उनको भूल गई, इस कमेटी में जो लोग थे हुआ अधिकतर रुके बच्चे विदेशों में पड़े हैं उनको यूजीसी से क्या लेना-देना पर परेशान देश के लोग होगे जो पूरा देश मैं सामान्य वर्ग के लोगों का अपना बर्बाद भविष्य दिखाई देने लगी है।
देवेश प्रताप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




