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सच्चाई दिखाने जाने वाले पत्रकारों पर हमले; जिला प्रशासन पर राजनीतिक दबाव और खनन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल
झांसी। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेषकर झांसी जिले में अवैध खनन का खेल खुलेआम पैर पसार चुका है। बालू (रेत) और अन्य खनिजों के ठेके आज पूरी तरह से रसूखदार माफियाओं के चंगुल में जकड़े हुए हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि नीचे से लेकर ऊपर तक प्रशासनिक कड़ियों की कथित मिलीभगत के कारण इन अवैध गतिविधियों पर कोई लगाम नहीं कस पा रही है।
‘नो गो जोन’ बने खनन क्षेत्र, पत्रकारों पर जानलेवा हमले
झांसी के जिन क्षेत्रों में अवैध खनन का काला कारोबार चल रहा है, वे क्षेत्र अब आम जनता और मीडिया के लिए ‘नो गो जोन’ बन चुके हैं। कोई भी पत्रकार उस क्षेत्र में जाकर जमीनी हकीकत दिखाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। जो गिने-चुने जांबाज पत्रकार वहां कवरेज के लिए गए, उन्हें माफियाओं के गुर्गों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। कई पत्रकार बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से निकल पाए हैं। माफियाओं का खौफ इस कदर है कि वहां की असली सच्चाई को पूरी तरह से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
खनन विभाग का सहयोग और सफेदपोशों का हाथ!
जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक, इन खनन माफियाओं की रफ्तार आज भी बेहद तेज है, जिसे रोकने में स्थानीय प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। आरोप है कि इस पूरे खेल में खनन विभाग का मूक समर्थन और सहयोग इन माफियाओं को प्राप्त है।
इन अपराधियों के पीछे केवल बाहुबल ही नहीं, बल्कि:
बड़े-बड़े पैसे वाले लोग
रसूखदार सफेदपोश (राजनेता)
उच्च प्रशासनिक पहुंच रखने वाले सिंडिकेट का वरदहस्त है।
इसी राजनीतिक और आर्थिक संरक्षण के कारण जिला प्रशासन पर भी लगातार दबाव बना रहता है, जिसके चलते कोई भी अधिकारी इनके गलत कामों के खिलाफ सख्त कदम उठाने या लिखने की हिम्मत नहीं कर पाता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सख्त कार्रवाई की मांग
बुंदेलखंड में प्राकृतिक संसाधनों की इस लूट और बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हुए, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और मीडिया जगत ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
“झांसी सहित पूरे बुंदेलखंड में खनन का कार्य अभी भी भारी भ्रष्टाचार के साए में चल रहा है। जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करने वाली सरकार से निवेदन है कि इन खनन माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों व राजनेताओं पर रासुका (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त अंकुश लगाया जाए।”




