जी भारत न्यूज24
उत्तर प्रदेश उन्नाव। प्रतिभा परिचय स्वयं बनेगी, दम ही निकल न जाए पहचान होते – होते। यह बात अभ्युदय सेवा संस्थान एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् उन्नाव के अध्यक्ष डॉ प्रभात सिन्हा ने अभ्युदय सेवा संस्थान एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से राष्ट्रीय कवि श्रद्धेय सुरेश फक्कड़ की श्रद्धांजलि सभा, मेधा सम्मान समारोह और कवयित्री सम्मेलन का आयोजन शहर के कृष्णा नगर मोहल्ला स्थित पार्क व्यू पैलेस में कराते हुए कही। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा भानू ने किया। इसके बाद कवयित्री शशि श्रेया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कवयित्री पल्लवी मिश्रा ने कोई जिद भी नहीं बस यही चाहिए, राज महलों का वासी वही चाहिए, जोडियां जोड़ने वाले ईश्वर मुझे, टूटने जो न दे बस वही चाहिए पढ़कर तालियां बटोरी। डॉ.शिवा त्रिपाठी सरस ने पढ़ा कि आज देश में मां चंडी का फिर अवतार जरूरी है, शील विहीन हुए दुष्टों का अब संहार जरूरी है, दुराचारियों के पापों का अंत हमें ही करना है, चूड़ी वले कोमल हाथों में अब तलवार जरूरी है। आंकाक्षा गुप्ता ने यहां सब राम का फिर भी लगी सदियां प्रतीक्षा में अवध को भी लगा एक युग अयोध्या धाम होने में पढ़कर भगवान राम का गुणगान किया। इसके अलावा श्रद्धा पांडेय ने पढ़ा कि हो सकते हैं हजारों हमदर्द दुनिया में मेरे मगर, तुमसा प्यारा सा कोई फरिश्ता हो नहीं सकता। कार्यक्रम का संचालन कवि अनिरुद्ध सौरभ और अध्यक्षता डॉ.शशि रंजना अग्निहोत्री ने किया। इस दौरान अभ्युदय सेवा संस्थान के संरक्षक डॉ.मनोज श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव, अध्यक्ष डॉ.प्रभात सिन्हा, ओ पी तिवारी, प्रेम सिंह सेंगर, डॉ मनीष सिंह सेंगर,विनय यादव, डॉ.नमन निगम, अजय श्रीवास्तव, अखिलेश ओमर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की समीक्षा उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सेंगर तथा धन्यवाद ज्ञापन महासचिव ओ पी तिवारी ने किया।
—
मेधावियों का हुआ सम्मान
गुरु पूर्णिमा के आगमन से पूर्व आयोजित सम्मान समारोह में 10वीं और 12वीं कक्षा में श्रेष्ठ हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं, गुरुजनों एवं साहित्यकारों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
सुभाष सिंह,ब्यूरो चीफ उन्नाव




