जी भारत न्यूज24
बांगरमऊ,उन्नाव।
समाजवादी पार्टी के जिला सचिव सलीमुर्रहमान ने महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजनीति और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना संभव नहीं है।
“महिला आरक्षण बिल को लागू करने में सरकार गंभीर नहीं”
सपा नेता सलीमुर्रहमान ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में लोकसभा द्वारा ‘महिला आरक्षण बिल’ पारित किए जाने के बावजूद, धरातल पर इसका क्रियान्वयन न होना अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा:
सरकार महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के प्रति गंभीर नहीं है।
बिल पारित होने के बाद भी इसे लागू न करना महिलाओं के हितों के साथ उपेक्षा है।
देश और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर मिलना अनिवार्य है।
निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
सलीमुर्रहमान ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण बिल को अविलंब लागू किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक महिलाएं राजनीति और प्रशासनिक निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं का मुख्य हिस्सा नहीं बनेंगी, तब तक समाज का वास्तविक सशक्तिकरण अधूरा रहेगा।
सपा नेता की इस मांग ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि सरकार को चुनावी वादों से इतर महिलाओं की बढ़ती जरूरतों और उनके अधिकारों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान दे सकें।




