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उत्तर प्रदेश उन्नाव। पुलिस ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए मानवता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लावारिस हालत में मिले एक करीब दो माह के शिशु को पुलिस ने समय रहते बचा लिया, जिसकी सराहना पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने करते हुए टीम को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। बता दे कि शनिवार तड़के बेहटा मुजावर क्षेत्र के जोगिकोट गांव के पास एक्सप्रेसवे से गुजर रहे ट्रक चालकों ने शिशु की करुण चीखें सुनीं। तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और बच्चे को बांगरमऊ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चे की जान बचाने में महिला कांस्टेबल अर्चना, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका अहम रही। एसपी दीपक भूकर ने पुलिस टीम की कुशलता, मानवीयता और सतर्कता की प्रशंसा करते हुए उन्हें विधिवत सम्मानित करने के आदेश दिए। जिला अस्पताल में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने बच्चे की देखभाल की ज़िम्मेदारी ले ली है। उधर, पुलिस ने बच्चे को लावारिस छोड़ने वालों की तलाश शुरू कर दी है। जोगिकोट और आसपास के गाँवों में जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों व ट्रक चालकों का भी पुलिस को पूरा सहयोग मिल रहा है। एसपी ने कहा, “इस प्रकार के प्रयास न केवल प्रेरणादायी हैं, बल्कि पुलिस को आमजन की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित बताते हैं।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिशु परित्याग के इस मामले की हर एंगल से जांच की जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
सुभाष सिंह,ब्यूरो चीफ उन्नाव




