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नार्मल स्कूल मैदान में पंचम मोक्षदायिनी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शपरमपूज्य संत श्री राम शरण शास्त्री जी महाराज ने नारद जी के पूर्व जन्म की कथा सुनायी।नारद जी पहले ‘उपबर्हण’ नामक एक गंधर्व थे, जिन्हें ब्रह्मा जी की सभा में अपनी स्त्रियों के साथ परिहास करने के कारण शूद्र योनि में जन्म लेने का श्राप मिला था, जहाँ उनका जन्म एक दासी के पुत्र ‘नंद’ के रूप में हुआ, जिन्होंने संतों की सेवा और भगवन्नाम जप से मन शुद्ध किया और अगले जन्म में ब्रह्मा के मानस पुत्र के रूप में नारद मुनि बनकर प्रकट हुए। महाराजश्री ने कपिल मुनि की कथा सुनाते हुए कहा वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने माता देवहूति को सांख्य दर्शन का ज्ञान दिया, जिससे उन्हें मोक्ष मिला; उन्होंने राजा सगर के साठ हज़ार पुत्रों को भस्म किया और गंगा को पृथ्वी पर लाने का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे गंगासागर तीर्थ का निर्माण हुआ, और वे ‘सांख्य दर्शन’ के प्रवर्तक हैं, जो ज्ञान और वैराग्य का मार्ग बताते हैं।
मुख्य यजमान डॉ संजय मिश्रा, बबली मिश्रा, दिवस यजमान ममता द्विवेदी व गोविंद शुक्ला सहधर्मिणी लाता, संयोजक पवन निगम, रश्मि निगम, आशीष निगम, लता निगम, नीरज निगम, सुबोध अस्थाना, डॉ प्रभात सिन्हा, वेंकट मिश्रा, हिमा मिश्रा, अखिलेश अवस्थी, वंदना अवस्थी, नीलम त्रिपाठी, मीडिया प्रमुख डॉ मनीष सेंगर, अशोक रस्तोगी, वेद प्रकाश साहू, अनुराग राठौर, राहुल कश्यप, लक्ष्य निगम आदि सहित महिला मंडल अध्यक्ष निम्मी अरोड़ा ने कथा प्रारम्भ और विश्राम की आरती में भाग लिया। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, सहकारी बैंक जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य शिवम मिश्र ने विशिष्ट जनों का परिचय कराया और वृन्दावन में महाराजश्री द्वारा निर्मित कराए जा रहे दिव्य आश्रम में योगदान के लिए उन्नाव वासियों का आवाहन किया। डॉ मनीष सेंगर और अशोक रस्तोगी ने बताया जो सुधिजन कथास्थल नहीं पहुंच पा रहे वे सनातन परिवार यू ट्यूब चैनल पर कथा का लाइव प्रसारण अपने घर अथवा संस्थान में बैठ कर देख सकते है।




