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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक साहसिक मुठभेड़ के बाद घटना के मुख्य आरोपी असद को दबोच लिया था। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान लगी गंभीर गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान मुख्य अभियुक्त असद की मौत हो गई है। ‘योगी सरकार’ की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से इलाके के बदमाशों में खौफ का माहौल है।
क्या था पूरा मामला? (बकरीद की शाम हुई थी बर्बरता)
साजिश रचकर बुलाया था पास:
बीती 28 मई (बकरीद) की शाम खोड़ा निवासी 17 वर्षीय हिंदू युवक सूर्या चौहान की उसके ही कुछ पूर्व परिचितों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए साजिश रची थी। आरोपियों ने सूर्या को फोन करके चौधरी स्कूल के पास वाली गली में बुलाया।
चाकुओं से गोदकर की थी हत्या:
जैसे ही सूर्या वहाँ पहुँचा, वहाँ पहले से घात लगाकर बैठे असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक समेत अन्य युवकों ने उसे चारों तरफ से दबोच लिया। आरोपियों ने पुरानी दुश्मनी में सूर्या पर बड़े चाकुओं से ताबड़तोड़ कई वार किए। लहूलुहान हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस बर्बर हत्याकांड के बाद से ही इलाके में तनाव था और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
शहर छोड़कर भागने की फिराक में था हत्यारा
पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता और सटीक सूचना मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिए दोबारा खोड़ा इलाके में आने वाला है। पैसे हाथ में आते ही उसका प्लान उत्तर प्रदेश की सीमा को लांघकर किसी दूसरे राज्य में भागने का था।
सूचना मिलते ही एक्टिव हुई पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में मुख्य आरोपी असद को गोली लग गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
योगीराज में अपराध का तुरंत होता है हिसाब
उत्तर प्रदेश में अपराधी अक्सर यह भूल जाते हैं कि यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार है, जहाँ अपराध और अपराधियों को कतई स्वीकार नहीं किया जाता। आज का उत्तर प्रदेश कानून-व्यवस्था के मामले में एक मिसाल बन चुका है। जनसंख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश विश्व के कई बड़े-बड़े देशों के बराबर है और वैश्विक स्तर पर यह आबादी में पाँचवें या छठवें स्थान पर आता है।
इतने विशाल प्रदेश में जहाँ आजादी के बाद पहली बार कानून का ऐसा कड़ा राज देखने को मिला है, वहाँ जब तक अपराधियों को अपनी गलती का एहसास होता है, तब तक योगी सरकार कानून के दायरे में उनका हिसाब कर देती है। वास्तव में उत्तर प्रदेश की जनता का यह सौभाग्य है कि आज प्रदेश को ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसके संरक्षण में आम जनता पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रही है और अपराधियों को उन्हीं की भाषा में करारा जवाब मिल रहा है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस प्रशासन के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी का अंत हो चुका है, जबकि घटना में शामिल अन्य नामजद आरोपियों (नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द ही इस जघन्य अपराध में शामिल हर एक उपद्रवी सलाखों के पीछे होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, देवेश प्रताप सिंह राठौर




