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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) का भारी संकट गहरा गया है। शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। आलम यह है कि लोग अपना काम-काज छोड़कर घंटों लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
घंटों इंतज़ार के बाद भी नहीं मिल रही गैस
शहर के पुराने भोपाल से लेकर कोलार और भेल क्षेत्र की एजेंसियों पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के हफ्तों बाद भी होम डिलीवरी नहीं हो रही है। जब वे खुद एजेंसी पहुँच रहे हैं, तो वहां स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है।
आम जनता की बढ़ी मुसीबत
गैस संकट का सबसे बुरा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।
गृहिणियों का कहना है: “घर में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। समय पर सिलेंडर न मिलने से बच्चों का टिफिन और खाना बनाने में भारी दिक्कत आ रही है।”
दिहाड़ी मजदूरों की समस्या: कई मजदूर अपनी दिहाड़ी छोड़कर लाइन में लग रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी चोट पड़ रही है।
क्या है संकट की मुख्य वजह?
हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सप्लाई चेन में आई रुकावट और बॉटलिंग प्लांट से आपूर्ति कम होना इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
Zee Bharat News 24 की अपील:
प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि त्योहारों और सामान्य दिनों में जनता को इस बुनियादी जरूरत के लिए परेशान न होना पड़े। एजेंसियों को होम डिलीवरी व्यवस्था को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए जाने चाहिए।




