जी भारत न्यूज24
गोपाल बसेड़िया
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने सैनिक परिवारों के बलिदान को किया नमन
भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को किया गया सम्मानित
भिण्ड । इंडियन बेटर्न्स ऑर्गनाइजेशन के द्वारा 53 वां विजय दिवस मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि जिला दंडाधिकारी संजीव श्रीवास्तव,विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन रामपाल सिंह गौर, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ग्वालियर जिला अध्यक्ष कैप्टन राम सिंह तोमर व ग्वालियर चंबल संभाग के संभागीय अध्यक्ष सूबेदार मेजर सुरेश सिंह तोमर,भूतपूर्व सैनिक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम सिंह भदोरिया रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ कलेक्टर श्री श्रीवास्तव के द्वारा अमर जवानों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर किया गया। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को इस कार्यक्रम में याद किया गया। कलेक्टर ने कहा कि देश पर मर मिटने वाले और सर्वस्व निछावर करने वाले अमर शहीदों को भुलाया नहीं जा सकता है। आज हम उन शहीदों की शहादत के कारण महफूज जिंदगी जी रहे हैं । आज भी देश की सरहद देश पर सर्वस्व निछावर करने वाले सैनिकों की वजह से सुरक्षित हैं। हमें अपनी वीर नारियों की हिम्मत समर्पण और त्याग को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि उन मां बहनों ने अपना सर्वस्व लुटा कर भी आज देश के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी हुई है। हमें देश में हो रही गतिविधियों को समझने की जरूरत है और उसके लिए ऐसे संगठनों के माध्यम से हम एकत्रित होकर रहें जिससे कि हम अपने हाकों और देश के हितों को भली भांति समझ सके । मैं कलेक्टर होने के नाते संगठन को व समस्त पूर्व सैनिकों को अस्वस्थ करना चाहता हूं कि आपके हितों का हमेशा ख्याल रखा जाएगा। इसके आगे प्रदेश अध्यक्ष रामपाल सिंह गौर ने कहा कि हमारा नॉन पॉलिटिकल संगठन है। संगठन नेशन फर्स्ट की थ्योरी पर काम करता है और हमेशा एडमिनिस्ट्रेशन के साथ कॉर्पोरेशन में रहकर हमारे भूतपूर्व सैनिक वीर नारियों को आश्रतों के लिए काम करता है । हम अपने वीरनारियों और पूर्व सैनिकों के हितों की बात शासन और प्रशासन को अपने इस प्लेटफार्म के माध्यम से पहुंचते हैं और उसका समाधान करने की कोशिश करते हैं। इसी क्रम में भारत-पाक युद्ध 3 दिसंबर 1971 से 15 दिसंबर 1971 तक चले युद्ध में पाकिस्तान को हर का मुंह देखना पड़ा। इस युद्ध का अंत लेफ्टिनेंट जनरल ए के नियाजी ने 94000 सैनिकों के साथ लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्म समर्पण करके किया और 16 दिसंबर 1971 को विजय दिवस घोषित किया गया । यह आत्मसमर्पण द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी सेना का सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। युद्ध के परिणाम स्वरूप पाकिस्तान को पूर्वी पाकिस्तान छोड़कर हार स्वीकार करनी पड़ी और बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का प्रादुर्भाव हुआ । कार्यक्रम में आए हुए तमाम अतिथियों को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया एवं वीर नारियों को शॉल,पुष्पहार एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों के लिए भोजन व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम का समापन आभार भाषण के साथ संभागीय अध्यक्ष सूबेदार सुरेश सिंह तोमर ने किया और कहा भोपाल मुरैना और ग्वालियर से आए हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों के साथ भिंड के जिला अध्यक्ष सूबेदार मेजर शिव बहादुर सिंह भदोरिया का भी आभार व्यक्त किया उन्होंने इस कार्यक्रम को संपादित किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता राम सिंह तोमर भी उपस्थित हुए कार्यक्रम में हीरेन्द सिंह नरवरिया जिला अध्यक्ष भिंड इंडियन बेटर्न्स ऑर्गेनाइजेशन यूथ विंग तथा वीरेंद्र वर्मा कार्यकारी जिला अध्यक्ष भिंड इंडियन बेटर्न्स ऑर्गेनाइजेशन यूथ विंग,विपिन यादव उपाध्यक्ष भिंड,रवि पुरोहित सचिव भिंड यूथ विंग,राजवीर सिंह तोमर, शिवराम दोहरे,कैलाश सिंह भदौरिया,नरेश सिंह भदोरिया,अशोक सिंह भदोरिया,आर के दुबे,सुनील शर्मा फौजी,महेश करारिया,जेडी खान,रामदत्त शुक्ला,कालीचरण शर्मा,राहुल भदौरिया,दीपू राजावत आदि सहित कई जिलो के पदाधिकारी एवं पत्रकारबन्धु उपस्थित हुए।




