जी भारत न्यूज24
उन्नाव। जी आई सी मैदान में 13 दिवसीय विराट बहु आयामी उन्नाव महोत्सव के बारहवें दिन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन हुआ। मां वीणापाणि की वंदना के बाद संचालन करते हुए गीतकार मुकेश श्रीवास्तव ने पढ़ा साज़िश है या चूक हुई है गुलशन के रखवालों से दिल्ली लहूलुहान हुई है फिर आतंकी चालों से, आबकारी अधिकारी शायर अनुराग मिश्र ग़ैर ने पढ़ा आपने ही पाँव काटा था हमारा एक दिन,
अब हमारे हक़ में कुछ बैसाखियां लिख दीजिए, आदमी का जंग में मरना हमें भाता नहीं, इस अहद में कुछ नई बीमारियां लिख दीजिए। अख़्तर जलील “अख़्तर” ललितपुरी ने पढ़ा
आंख से परदेस में छलका वतन,
हमने गालों पर बहुत लिक्खा वतन, एक दिन बचपन में मिट्टी खाई थी, ज़िन्दगी भर जिस्म से महका वतन, हेमा पांडेय ने पढ़ा रातरानी – कनेर लाई हूं,
गीत ग़ज़लों का ढेर लाई हूं !
आप सब राम की तरह चख लो,
मैं भी शबरी से बेर लाई हूं !!, प्रिया श्रीवास्तव दिव्यम् ने पढ़ा
हर तमन्ना जवान हो जाए
जब कोई महरबान हो जाए
रंग ऐसा चढ़े मोहब्बत का ख़ूबसूरत जहान हो जाए,
उरई से आए शफीकुर्रहमान,, कशफ़ी ने पढ़ा हमारी कहानी पुरानी बहुत है, मगर इसके दरिया में पानी बहुत है,
फ़क़ीरों की सफ़ में तो वो भी खड़ा है, जिसे लोग कहते थे दानी बहुत है, प्रयागराज से आए डॉ श्लेष गौतम ने पढ़ा ऐसा करो इलाज अब,ऐसी दो अब चोट
आतंकी कर ना सकें,भारत में विस्फ़ोट, डॉ0 विनय दीक्षित आशु ने पढ़ा हे भोलेनाथ! तुम आज भी भोले के भोले, भक्तों को खिलाते मालपुआ, खुद भाँग के गोले।
दीप प्रज्ज्वलन अध्यक्षा निम्मी अरोड़ा, प्रबंधक अशोक पटेल शिवा, अध्यक्ष बाबू लाल कनौजिया, महोत्सव संयोजक राम सुमेर सिंह, सांस्कृतिक संयोजक डॉ मनीष सिंह सेंगर, उपाध्यक्ष डॉ राजेश सिंह, प्रभारी सुख सागर पटेल, अनिल सिंह फौजी, कवि सम्मेलन संयोजक गीतकार मुकेश श्रीवास्तव, ऐरोस्पेस इंजीनियर तन्मय त्रिपाठी आदि ने किया। समन्वयकों राहुल कश्यप, सैमी वर्मा, शैलू वर्मा, सतीश शर्मा आदि ने व्यवस्थापन किया। संचालन सांस्कृतिक संयोजक मनीष सिंह सेंगर ने किया। अध्यक्षा निम्मी अरोड़ा और प्रबंधक अशोक पटेल ने सबके प्रति आभार जताया। पूर्व अध्यक्ष प्रेम चंद्र सिंह, वेद प्रकाश साहू व अनूप चौधरी, बिल्डर शलभ आनंद, रमेश पटेल, अभय प्रताप, लक्ष्य निगम, मीडिया प्रभारी अरविंद श्रीवास्तव, फ़ैज़ खान, बीनू त्रिवेदी, नितिन गुप्ता, परमजीत सिंह, आलोक अवस्थी, बाल गौरव त्रिपाठी, महेश गुप्ता आदि का सहयोग रहा। अतिथियों और साहित्यकारों को आयोजकों ने सम्मानित किया।




