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मियाँगंज । आसीवन क्षेत्र के मियाँगंज कस्बा में चल श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दूसरे दिन अठ्ठासी हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित सुरेश अवस्थी ने सोमवार को कथा के द्वितीय दिवस भक्तों जनों को कथा का रसास्वादन कराते हुये कहा कि इस मृत्युलोक में माता और पिता जीवंत देवता हैं इन्होंने जो उपकार आप पर किये है उसका कर्ज हम जीवन में कभी नहीं उतार सकते उन्होंने कहा कि धुंधकारी माता पिता का अपमान करके घोर नर्क का गामी बना उसे मोक्ष दिलाने के लिये भाई गोकर्ण ने श्रीमद्भागवत कथा सुनी इसी क्रम में व्यास जी राजा परीक्षित से कहते हैं कि अब कलयुग का आगमन निकट है तो उन्होंने कहा कि मै अपने राज्य में कलयुग को नहीं आने दूंगा व्यास जी कहते हैं कि यह विधि का विधान है वह आयेगा कलयुग ने परीक्षित जी से रहने के लिये चार स्थान मागें स्वर्ण,जुआ,मदिरा,और व्यभिचार कलयुग ने कहा मै इन्हीं चार स्थानों पर रहूंगा और यह कहते हुये उनके स्वर्ण जणित मुकुट पर सवार हो गया बस उसी के प्रभाव से राजा परीक्षित मार्ग से विरत हो गये व्यास जी कहते हैं राजन यह श्रीमद्भागवत कथा मोक्षदायिनी है जहां यह कथा होती है वहां नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम हो जाता है महंत सुरेश अवस्थी ने कहा कि अगर सुधार करना है तो हम सुधरेंगे,युग सुधरेंगा हम बदलेंगे युग बदलेगा का फार्मूला अपनाना पड़ेगा तभी मानव जीवन में कल्याण है इस अवसर पर आयोजक राजकपूर गुप्ता व मुकेश कुमार गुप्ता सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।




