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उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बवाल होने के बाद सारे सरकारी महकमे एक्शन मोड में हैं। पुलिस अब तक तौकीर रजा और उनके 7 करीबियों सहित 84 लोगों को बलवा में जेल भेज चुकी है।बरेली विकास प्राधिकरण और नगर निगम अब तक 220 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी को सील या ध्वस्त कर चुका है। पावर कॉरपोरेशन भी एक्शन में है। लगातार चेकिंग अभियान चलाकर दर्जनों कनेक्शन काटे गए हैं। वहीं, डेढ़ करोड़ रुपए के रिकवरी नोटिस जारी किए हैं। बाकी सरकारी विभाग भी अपने-अपने स्तर पर एक्शन में जुटे हैं।
संभल हिंसा के बाद जिस तरह की कार्रवाई हुई थी, ठीक वैसा ही एक्शन बरेली में लिया जा रहा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबियों पर 45 साल के आपराधिक इतिहास में इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हुई है। अभी तक किसी सरकार ने तौकीर राजा को हिरासत में नहीं लिया मायावती की सरकार ने 38 घंटे थाने में कैद रक्खा था, राजनीतिक रसूख और आला हजरत दरगाह से नाम जुड़ा होने की वजह से तौकीर रजा पर कभी किसी सरकार ने इतना बड़ा एक्शन नहीं लिया। तौकीर रजा कट्टर मुस्लिम है दंगे कराना इसका बाएं हाथ का काम था, यह भूल गया था इस समय योगी आदित्यनाथ जी की सरकार है, बरेली दंगे में हमेशा आगे रहा जिसका मुख्य करता धरता तौकीर रजा रहेता था।
देवेश प्रताप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




