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भिंड (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पुलिस ने एक महिला की अंधी हत्या का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। जिस मामले को ससुराल पक्ष आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी क्रूर हत्या निकली। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 30 मार्च 2026 को मिहोना निवासी रमेश बाबू प्रजापति ने थाना देहात में सूचना दी थी कि उन्हें उनकी बेटी प्रियंका की मौत की खबर मिली है। जब वे परिवार सहित बेटी की ससुराल ग्राम मानपुरा पहुंचे, तो बेटी का शव घर के आंगन में पड़ा हुआ था। ससुराल वालों ने मृतका के पिता को बताया था कि प्रियंका ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। पुलिस ने इस मामले में मर्ग क्रमांक 33/26 कायम कर जांच शुरू की थी।
जांच में खुला राज: आत्महत्या नहीं, मर्डर था!
थाना देहात पुलिस ने एफएसएल (FSL) टीम के साथ मिलकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास के लोगों और गवाहों के बयानों में विरोधाभास नजर आने पर पुलिस को शक गहराया। जब कड़ियों को जोड़ा गया तो साफ हुआ कि प्रियंका ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
इनाम की घोषणा: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक भिंड डॉ. असित यादव ने तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹30,000 का इनाम घोषित किया था।
पुलिस ने बिछाया जाल, चरथर रोड से दबोचे गए हत्यारे
एएसपी संजीव पाठक और सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक मुकेश शाक्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तीनों आरोपियों को मानपुरा गांव के आगे चरथर रोड के किनारे से धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों के नाम:
रामबरन प्रजापति (उम्र 31 वर्ष) – मृतका का पति (निवासी बीरखड़ी, हाल मानपुरा)
आकाश प्रजापति (उम्र 25 वर्ष) – पति का दोस्त (निवासी ग्राम अकोड़ा)
पुनीत जोशी (उम्र 23 वर्ष) – पति का दोस्त (निवासी ग्राम अकोड़ा)
शराब पीने के विवाद में ली जान, फिर रची ‘सुसाइड’ की झूठी कहानी
पुलिस की कड़ी पूछताछ के आगे आरोपी पति रामबरन टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि:
उसका अपनी पत्नी प्रियंका से शराब पीने को लेकर झगड़ा हुआ था।
गुस्से में आकर उसने प्रियंका के साथ मारपीट की और घर में रखी सिलाई मशीन की रस्सी से उसका गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
पकड़े जाने के डर से उसने अपने दोनों दोस्तों (आकाश और पुनीत) को बुलाया।
तीनों ने मिलकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए प्रियंका के शव को आंगन में लगे जाल में साड़ी का फंदा बनाकर लटका दिया।
लेकिन जब प्रियंका के पैर जमीन को छूने लगे, तो उन्होंने फंदा काटकर शव को जमीन पर लिटा दिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जहां से उन्हें जेल भेजने की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इन अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का चंद दिनों में खुलासा करने में निरीक्षक देहात मुकेश शाक्य, उपनिरीक्षक अजय यादव, विजय शिवहरे, बलराम यादव, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र भदौरिया, गुरुदास, हरवीर गुर्जर, नीरज सिंह, और आरक्षक फिरोज खान, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, महेन्द्र यादव, अवधेश, अशोक, पंकज, विष्णु, दीपक और अजय सगर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही।




