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झांसी। शादी के लाल जोड़े में दुल्हन पहुंची परीक्षा देने विद्यालय मामला
चिरगांव बुंदेलखंड चंदन सिंह महाविद्यालय बरल में शादी को बीच में छोड़ शादी के लाल जोड़ें में परिजनों के साथ चंदन सिंह महाविधालय के परीक्षा हाल में परीक्षा देने पहुंची जहां दुल्हन ने बी ए फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंची
जानकारी के अनुसार विकासखंड बड़ागांव के ग्राम लिधौरा निवासी प्रेमचंद राजपूत की बेटी निशा की शादी थी । निशा दुल्हन की लाल जोड़े में परीक्षा देने परीक्षा हॉल में पहुंची जिसे देख कर सभी लोग दंग रह गये।इसके बाद निशा ने परीक्षा से लौट कर शादी की शेष बची हुई रस्में पूरी करने के बाद विदा हो कर अपनी ससुराल पहुंची निशा ने बताया कि मेरी आगे पढ़ाई करने की इच्छा थी और मेरे ससुराल पक्ष वालों ने भी मुझे इसकी इजाजत दी है उसी को लेकर शादी की बची हुई रस्मों को छोड़कर पेपर देने के लिए आई हूं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार की छात्राएं शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में अवश्य सफल होती हैं। शिक्षा अनमोल है निशा ने हर काम को छोड़ते हुए शिक्षा को उचित समझते हुए आज उन्होंने परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने जीवन को सफल बनाने का कार्य किया। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने बच्ची के माता-पिता व ससुराल पक्ष के इस निर्णय को लेकर खूब साराहा
चिरगांव झांसी चंदन सिंह महाविद्यालय बरल में शादी को बीच में छोड़ शादी के लाल जोड़ें में परिजनों के साथ चंदन सिंह महाविधालय के परीक्षा हाल में परीक्षा देने पहुंची जहां दुल्हन ने बी ए फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंची
जानकारी के अनुसार विकासखंड बड़ागांव के ग्राम लिधौरा निवासी प्रेमचंद राजपूत की बेटी निशा की शादी थी । निशा दुल्हन की लाल जोड़े में परीक्षा देने परीक्षा हॉल में पहुंची जिसे देख कर सभी लोग दंग रह गये।इसके बाद निशा ने परीक्षा से लौट कर शादी की शेष बची हुई रस्में पूरी करने के बाद विदा हो कर अपनी ससुराल पहुंची निशा ने बताया कि मेरी आगे पढ़ाई करने की इच्छा थी और मेरे ससुराल पक्ष वालों ने भी मुझे इसकी इजाजत दी है उसी को लेकर शादी की बची हुई रस्मों को छोड़कर पेपर देने के लिए आई हूं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार की छात्राएं शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में अवश्य सफल होती हैं। शिक्षा अनमोल है निशा ने हर काम को छोड़ते हुए शिक्षा को उचित समझते हुए आज उन्होंने परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने जीवन को सफल बनाने का कार्य किया। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने बच्ची के माता-पिता व ससुराल पक्ष के इस निर्णय को लेकर खूब साराहा गया।
देवेश प्रताप सिंह राठौर, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




