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बांगरमऊ: नगर पालिका परिषद बांगरमऊ में पिछले तीन वर्षों में हुए विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन को लेकर पारदर्शिता की मांग उठने लगी है। मोहल्ला नौनिहालगंज निवासी पूर्व सभासद आनंद सिंह अर्कवंशी ने जन सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत नगर पालिका कार्यालय में आवेदन देकर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के आय-व्यय और विकास कार्यों का कच्चा चिट्ठा मांगा है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी:
पूर्व सभासद ने अपने प्रेषित पत्र में नगर पालिका के कामकाज से जुड़ी विस्तृत सूचनाएं मांगी हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
आय का विवरण: राज्य व केंद्रीय वित्त आयोग, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जिला योजना से प्राप्त धनराशि के साथ-साथ गृहकर, जलकर, लाइसेंस शुल्क और जुर्माने से हुई आय का वर्षवार ब्यौरा।
विकास कार्यों का लेखा-जोखा: सड़क निर्माण, नाला-नाली सफाई, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट और हैंडपंप मरम्मत जैसे कार्यों पर हुए व्यय का कार्यवार विवरण।
टेंडर और भुगतान प्रक्रिया: टेंडर नोटिस, प्रकाशन का माध्यम, चयनित ठेकेदारों के नाम, अनुबंध पत्र और भुगतान की गई कुल राशि की प्रमाणित प्रतियां।
प्रशासनिक खर्च: कर्मचारियों के वेतन, मानदेय, वाहन ईंधन, बिजली बिल और स्टेशनरी पर हुए खर्च का मदवार विवरण।
भ्रष्टाचार पर वार: बिल-वाउचर और ऑडिट रिपोर्ट की मांग
श्री अर्कवंशी ने केवल आंकड़ों की ही मांग नहीं की है, बल्कि उन्होंने भुगतान से संबंधित बिल, वाउचर, एमबी (माप पुस्तिका), उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) और बैंक स्टेटमेंट की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि जिन कार्यों का भुगतान हो चुका है, वे किस माध्यम से और किस फर्म के नाम किए गए। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट और उन पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की भी जानकारी चाही गई है।
पारदर्शिता पर जोर
पूर्व सभासद ने यह भी मांग की है कि यदि किसी मद में बजट से अधिक खर्च किया गया है, तो उसके लिए सक्षम अधिकारी से ली गई स्वीकृति का आदेश भी सार्वजनिक किया जाए। सफाई व्यवस्था, फॉगिंग, डीजल और वाहन मरम्मत जैसे संवेदनशील मदों में हुए खर्चों के लिए स्टॉक रजिस्टर और कोटेशन की प्रतियां भी मांगी गई हैं।
“नगर के विकास के लिए आने वाला पैसा जनता का है। यह जानना नागरिक का अधिकार है कि सरकार और विभाग ने उस पैसे को कहाँ और कैसे खर्च किया है। टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।”
— आनंद सिंह अर्कवंशी (पूर्व सभासद)
नगर पालिका प्रशासन में इस भारी-भरकम आरटीआई आवेदन के बाद हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर कितनी सूचनाएं उपलब्ध कराता है।




