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फर्जीवाड़े की आशंका: चयन से पहले ही शिकायतों का अंबार, क्या चहेतों को उपकृत करने की चल रही है तैयारी?
अटेर/भिंड। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत अटेर क्षेत्र में प्रस्तावित आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई है कि इस पर ‘फर्जीवाड़े’ के काले बादल मंडराने लगे हैं। प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराए 3 महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक जांच अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या विभाग किसी दबाव में है या फिर अपात्रों को पिछले दरवाजे से एंट्री दिलाने की सेटिंग की जा रही है?
प्रक्रिया के बीच में ही उठने लगे सवाल
अटेर में सहायिका पदों के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही कई आवेदकों ने दस्तावेजों और पात्रता नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चयन सूची फाइनल होने से पहले ही इसमें हेरफेर की कोशिशें की जा रही हैं। फर्जीवाड़े की आशंका जताते हुए 3 माह पहले ही जांच की मांग की गई थी, ताकि पात्र उम्मीदवारों का हक न मारा जाए।
जिम्मेदार मौन, फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर विषय पर जब विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया और फोन लगाया गया, तो किसी ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अधिकारियों की यह बेरुखी सीधे तौर पर उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि विभाग इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी साधे बैठा है?
क्या अपात्रों को मिल रहा है अभयदान?
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि भर्ती में कुछ ऐसे लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है जो नियमों के दायरे में नहीं आते। जांच में हो रही देरी यह संकेत दे रही है कि प्रशासन संभवतः मामले को ठंडे बस्ते में डालकर चुपचाप भर्ती प्रक्रिया को अंजाम देना चाहता है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो योग्य उम्मीदवार इस अवसर से वंचित रह जाएंगे।
न्याय की उम्मीद में भटक रहे आवेदक
शिकायत करने वाले आवेदकों का कहना है कि वे पिछले 90 दिनों से केवल इस इंतजार में हैं कि विभाग गड़बड़ियों को सुधारेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है।
बड़ा सवाल: > “अगर भर्ती प्रक्रिया अभी चल ही रही है, तो विभाग शिकायतों का निराकरण करने से क्यों बच रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़े फर्जीवाड़े के उजागर होने के डर से जांच को दबा रहा है?”




