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उन्नाव | न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से पारिवारिक उत्पीड़न और जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। अचलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कोरारी खुर्द में एक पीड़ित व्यक्ति ने अपने ही भाइयों पर हिस्से की जमीन पर मकान निर्माण न करने देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
दो बार हो चुका है बंटवारा, फिर भी विवाद बरकरार
पीड़ित के अनुसार, परिवार में कुल तीन भाई हैं। संपत्ति को लेकर रिश्तेदारों और गांव के संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में वर्ष 2010 और 2021 में दो बार आपसी सहमति से घर और खेत का लिखित बंटवारा हो चुका है। समझौते के तहत पीड़ित को उसका एक-तिहाई हिस्सा दिया गया था। इसके बावजूद, अब उन्हें अपने ही हिस्से में रहने और निर्माण कार्य करने से वंचित किया जा रहा है।
जेसीबी लगाकर रुकवाया काम, दी जा रही धमकियां
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने हिस्से की जमीन पर मकान की नींव रखने के लिए जेसीबी से खुदाई शुरू करवाई, तो उनके परिजनों ने मौके पर पहुंचकर गाली-गलौज की और हंगामा खड़ा कर दिया। विरोधियों ने डायल 112 को बुलाकर निर्माण कार्य बंद करवा दिया। पीड़ित ने यह भी बताया कि:
परिजन आए दिन उच्च अधिकारियों को झूठे प्रार्थना पत्र देकर उन्हें फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
परिवार के सदस्यों को नौकरी से निकलवाने और जेल भिजवाने की धमकियां दी जा रही हैं।
उन्हें न तो मकान बनाने दिया जा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं।
न्याय की आस में उच्चाधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित
पीड़ित ने बताया कि वह इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (CO) बीघापुर और थाना अचलगंज में कई बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली है। विपक्षी लगातार पुलिस का सहारा लेकर उनके निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
पीड़ित की मांग:
“मैंने हमेशा कानून का पालन किया है और आपसी सहमति से हुए बंटवारे के तहत ही मकान बनाना चाहता हूँ। प्रशासन से मेरी गुहार है कि मुझे मेरे हिस्से में शांतिपूर्वक रहने का अधिकार दिलाया जाए और विपक्षीगणों द्वारा की जा रही प्रताड़ना को रोका जाए।”
ब्यूरो रिपोर्ट: उन्नाव न्यूज़ डेस्क




