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पंकज त्रिपाठी
भिण्ड । अटेर क्षेत्र के ग्राम बढ़पुरी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में भक्त ध्रुव की लीला का वर्णन किया गया जिसमें कथावाचक दंदरौआ सरकार के कृपापात्र शिष्य पंडित राहुल शुक्ला शास्त्री ने कहा ध्रुव की लीला का वर्णन किया उन्होंने गुरु का जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला,कथावाचक ने कहा कि गुरु बिना जीवन अधूरा होता है गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है जैसे दीपक अंधेरे में रख दो वहीं उजाला हो जाता है इसीप्रकार गुरु जीवन को अंधकार से उजाले में लाकर अपने शिष्य को खड़ा कर देता है इसीलिए जब ध्रुव जी जंगल में भगवान की खोज के लिए निकले तो उन्हें सर्वप्रथम नारद मुनि मिले तो उन्होंने जब ध्रुव जी को अकेला जंगल में देखा तो वह आश्चर्यचकित हो गए कि महज 5 साल का बालक जो अकेले जंगल में जा रहा है उन्होंने ध्रुव जी को रोक दिया जब बात की तो उन्होंने कहा कि गुरु बिना आपको भगवान की प्राप्ति नही होगी तो उन्होंने नारद जी को वहीं गुरु बना लिया नारद जी ने गुरुमंत्र दिया तो ध्रुव जी गुरुमंत्र का जाप करते हुए जंगल मे आगे बढ़ गए वह उसी मंत्र का जाप करते हुए भजन करने लगते है उन्होंने धीरे धीरे सब खानपान बंद कर दिया अंत में भगवान ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए तथा उन्हें अपनी भक्ति का वरदान दिया उन्होंने कहा कि तुम जिस राज्य के लिए वन भेजे गए हो उस राज्य पर तुम 30 वर्ष तक राज्य करोगे तथा उसके बाद ध्रुव तारे के रूप में जाने जाओगे।




