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मथुरा (वृंदावन)। उत्तर भारतीय शैली के विश्व प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार (18 जून, 2026) को श्रद्धा और भक्ति का एक अलौकिक नजारा देखने को मिला। वर्ष में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय और भव्य ‘फूल बंगले’ में विराजमान ठाकुर गोदारंगमन्नार जी की दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही शाम को पट खुले, पूरा मंदिर परिसर रंगनाथ भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने की दिव्य परंपरा
धार्मिक नगरी वृंदावन के श्री वैष्णव संप्रदाय के इस प्रमुख देवालय में ठाकुर जी को भीषण गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के सुगंधित पुष्पों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे ब्रज का यह पारंपरिक भाव है कि भगवान आज भी कुंज, निकुंजों और लता-पताओं के बीच विराजमान होकर लीलाएं करते हैं। इसी भावना के तहत स्वर्ण गरुड़ स्तंभ परिसर में भक्तों की भारी भीड़ अपने आराध्य की एक झलक पाने को आतुर दिखी।
केले के पत्तों पर संतों की छवि और कृत्रिम यमुना ने मोहा मन
इस वर्ष का फूल बंगला अपनी अनूठी कलाकृति के लिए बेहद खास रहा:
केले के पत्तों पर नक्काशी: नामचीन कलाकार जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के पत्तों पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतों की जीवंत छवि इस बार मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। केले के तनों पर की गई इस बारीक नक्काशी ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अलौकिक झांकी: जगमोहन के भव्य फूल बंगले में भगवान रंगनाथ, माता गोदा जी और समस्त परिकर की अलौकिक छवि मनमोहक लग रही थी।
कृत्रिम यमुना और गोवर्धन नाथ: मंदिर परिसर में एक कृत्रिम यमुना स्वरूपणी सरोवर का निर्माण किया गया, जिसमें भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि और पानी में तैरती कृत्रिम नावें बेहद आकर्षक और सजीव प्रतीत हो रही थीं।
ब्यूरो रिपोर्ट आनंद पचौरी मथुरा




