Zee Bharat news 24Zee Bharat news 24Zee Bharat news 24
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश
  • क्राइम
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • धार्मिक
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Zee Bharat news 24Zee Bharat news 24
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश
  • क्राइम
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • धार्मिक
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश
  • क्राइम
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • धार्मिक
Follow US
Home » संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता : रामभूषण दास महाराज
Uncategorizedदेशधार्मिकमध्यप्रदेशलोकल

संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता : रामभूषण दास महाराज

Zee Bharat News 24
Last updated: June 5, 2024 3:18 pm
Zee Bharat News 24
3 Min Read

जी भारत न्यूज24

गोपाल बसेड़िया

भिण्ड । अटेर जनपद के ग्राम चौकी (धरई) स्थित सिद्ध पुरुष ताल का मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण की कथा के पांचवे दिन प्रवचन करते हुए श्रीश्री 1008 महामण्डलेश्वर रामभूषण दास महाराज (खनेता धाम) ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह का प्रसंग का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि विवाह संस्कार पवित्र संस्कार है , लेकिन आधुनिक समय में प्राणी संस्कारों से दूर भाग रहा है। जीव के बिना शरीर निरर्थक होता है ऐसे ही संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता। उन्होंने शिव पार्वती के विवाह की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि माता पार्वती हिमालय राज के यहां पर अवतरित हईं थीं। पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ को मानती थीं। इसीलिए भोलेनाथ से माता पार्वती का विवाह हुआ। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ व माता पार्वती के विवाह के पहले से ही तारकासुर राक्षस का तीनों लोकों में अत्याचार था और उसका वध भोलेनाथ व माता पार्वती के पुत्र से होना था। इसीलिए भोलेनाथ व माता पार्वती का विवाह पहले से ही होना तय था यानी यह सब लीला भगवान की थी।
प्रवचन करते हुए रामभूषण दास महाराज ने कहा कि पार्वती माता ने नारद के कहने से तीन हजार वर्ष तक सूखी वेलपत्री खाकर कठोर तपस्या की। हिमाचल राजा की कन्या उमा के साथ भगवान भोले नाथ ने विवाह किया। भोलेनाथ की दिव्य बारात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, लोकपाल देवता विवाह में सम्मिलित हुए। हिमालय ने ढोल-नगाड़ों के साथ में भगवान की बरात की अगवानी की। कथा में भूतों की टोली के साथ नाचते गाते हुए शिव जी बरात आई। बरात का भक्तों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पार्वती की मां मैना ने जब शिव के विकट रूप को देखा तो मोहित हो गई। नारद जी ने उनको शिव तत्व का ज्ञान दिया, उसके बाद शिवा शिव का विवाह हुआ। कथा आयोजक ओंकारनाथ ओमप्रकाश कांकर हैं। कथा का समय दिन में 12 बजे से शाम पांच बजे तक है। कथा का समापन नौ जून रविवार को पूर्णाहुति एवं भण्डारे के साथ होगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोतागणों ने शिव महापुराण की कथा का श्रवण किया।

Zee Bharat News 24
        
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
WhatsApp Image 2026-05-02 at 1.29.56 PM (1)
WhatsApp Image 2026-05-02 at 1.29.56 PM
WhatsApp Image 2026-05-02 at 1.29.57 PM
previous arrow
next arrow

लाइव क्रिकेट स्कोर

Live Cricket Scores

You Might Also Like

Uncategorizedउत्तरप्रदेश

जनपद के चार ब्लॉक में 10 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान

December 28, 2025
राजनीतिलोकल

नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला 20 जनवरी को गोरमी एवं मेहदोली के कार्यक्रम में होंगे शामिल

January 19, 2024
Uncategorizedधार्मिकराजनीतिलोकल

5 दिन की जगह अब 10 दिन लगेगा जल बिहार मेला, नगर परिषद द्वारा नहीं की जायेगी वसूली

September 15, 2024
Uncategorizedउत्तरप्रदेश

बकरीद पर्व को लेकर आयोजित की गई पीस कमेटी की बैठक

June 3, 2025
Zee Bharat news 24Zee Bharat news 24
Follow US

© Copyright All Right Reserved. Zee Bharat News 24 | Hosted by Webmitr

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • News Source
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?