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लखनऊ / ग्राउंड रिपोर्ट
हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश के शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के परिणामों ने भले ही सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। वरिष्ठ पत्रकार देवेश प्रताप सिंह राठौर के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता के बीच जाकर जब इस विषय पर संवाद किया गया, तो लोगों का स्पष्ट कहना था कि एमएलसी चुनाव आम जनता का चुनाव नहीं होता। जब जनता का अपना चुनाव होगा, तो वहां ‘योगी ही उपयोगी’ साबित होंगे।
एमएलसी चुनाव और केंद्रीय नेतृत्व का संदेश
उत्तर प्रदेश में एमएलसी की जिन सीटों पर चुनाव हुए, वहां भाजपा के पास पहले भी 6 सीटें थीं और अब भी उतनी ही हैं। हालांकि, जिन चर्चित सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, उसने केंद्रीय नेतृत्व को जनता की ओर से एक बड़ा संदेश दिया है। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा अपने मुख्य वोटर वर्ग में पनपे असंतोष को अगर समय रहते नहीं समझा गया, तो इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
पत्रकार राठौर के अनुसार, यदि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव बाबा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाता है, तो प्रदेश में 100% पुनः महाराज जी की सरकार बनेगी। इसका सबसे बड़ा कारण राज्य की महिला मतदाता हैं, जो आज योगी सरकार के कार्यकाल में खुद को पूर्णतः सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
गैर-योगी भाजपा शासित राज्यों की स्थिति चिंताजनक
वरिष्ठ पत्रकार ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, लेकिन वहां के मुख्यमंत्रियों की स्वतंत्र पहचान या कड़े फैसलों की कमी के कारण जनता में असंतोष है।
मध्य प्रदेश व राजस्थान का हाल: मध्य प्रदेश और राजस्थान के हालिया दौरों का हवाला देते हुए राठौर ने बताया कि वहां की जनता वर्तमान मुख्यमंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। मध्य प्रदेश में लोगों का मानना है कि यह भाजपा की अंतिम सरकार का समय चल रहा है और उत्तर प्रदेश के ठेकेदार वहां हावी हैं। यदि केंद्रीय नेतृत्व ऐसे ही फैसले लेता रहा, तो इन राज्यों में भाजपा की वापसी मुश्किल दिखती है।
2015 का आंकलन और 10 साल का सफल कार्यकाल
देवेश प्रताप सिंह राठौर ने याद दिलाया कि वर्ष 2015 में ‘दैनिक भास्कर’ में लिखे अपने एक आलेख में उन्होंने पहले ही यह संभावना जताई थी कि यदि योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी जाती है, तो राज्य गुंडामुक्त होगा और कानून का राज स्थापित होगा।
2017 में सत्ता संभालने के बाद से अपने लगभग 10 वर्षों के कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने यह साबित कर दिखाया है:
सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था: प्रदेश को पूरी तरह गुंडामुक्त कराया गया है। आज बेटियां और महिलाएं दिन हो या रात, बिना किसी डर के कहीं भी आ-जा सकती हैं।
उत्तम प्रदेश का निर्माण: उत्तर प्रदेश को अराजकता से निकालकर विकास और सुशासन के मार्ग पर ‘उत्तम प्रदेश’ बनाया गया है।
निष्कर्ष: ‘आज यूपी को योगी की जरूरत, कल देश को’
जनता की आवाज को अपनी रिपोर्ट का आधार बनाते हुए वरिष्ठ पत्रकार ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई, तो राज्य में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो सकती है।
यदि जनता उनके द्वारा स्थापित कानून के राज को भूलकर पुराने दौर की ओर लौटती है, तो स्थितियां भयावह हो सकती हैं। आज उत्तर प्रदेश को योगी आदित्यनाथ के सुशासन की सख्त जरूरत है और आने वाले समय में पूरा देश उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है।




