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भिण्ड। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक में जिलाधिकारी (DM) गौरांग राठी का कड़ा रुख देखने को मिला। केंद्र और राज्य सरकार की लाभकारी और स्वरोजगार योजनाओं में बैंकों की ढीली प्रगति और शिथिलता पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बैंकर्स किसानों, युवाओं और आमजन के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करें और जनपद के विकास में सहयोग दें।
PNB बंगरा शाखा के KCC की होगी जांच
बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों का प्रीमियम काटे जाने और फसल क्षति के मुआवजे की समीक्षा की गई। इस दौरान मऊरानीपुर तहसील के ब्लॉक बंगरा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी ने 04 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
कमेटी के सदस्य: उप कृषि निदेशक झाँसी, तहसीलदार मऊरानीपुर, लीड बैंक मैनेजर (PNB) और संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हैं। डीएम ने जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
आवेदन निरस्त करने का देना होगा कारण, पेंडिंग रखने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने बैंकों द्वारा सरकारी योजनाओं के आवेदनों को अनावश्यक रूप से निरस्त (Reject) या लंबित (Pending) रखने पर कठोर आपत्ति जताई।
717 आवेदन निरस्त होने पर नाराजगी: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ‘सीएम-युवा’ योजना, और ओडीओपी (ODOP) के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (342), पंजाब नेशनल बैंक (299), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (30), यूपी ग्रामीण बैंक (50), इंडियन बैंक (39), एचडीएफसी (25) और बैंक ऑफ इंडिया (14) द्वारा कुल 717 आवेदन निरस्त करने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
आवेदक को भी देनी होगी वजह: अब बैंकों को आवेदन निरस्त करने का ठोस कारण बताना होगा, और इसकी जानकारी आवेदनकर्ता को भी देनी होगी। अनावश्यक रिजेक्शन पाए जाने पर शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी।
कम CD Ratio वाले 05 बैंकों को चेतावनी
जनपद में 50% से कम सीडी रेशियो (Credit-Deposit Ratio) वाले बैंकों—पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (Priority Sector) पर फोकस करें और कैंप लगाकर ऋण वितरण में तेजी लाएं।
सुधार के लिए एक माइक्रोप्लान तैयार किया जाए।
आगामी बैठक में संबंधित बैंकों के रीजनल मैनेजर (RM) अनिवार्य रूप से इस माइक्रोप्लान के साथ उपस्थित रहेंगे।
स्वयं सहायता समूहों की फाइलें लंबित होने पर लगेगी ब्लॉक स्तर पर कैंप
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों के कैश क्रेडिट लिंकेज (CCL) की समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न बैंकों में 327 पत्रावलियां लंबित हैं। इनमें सबसे ज्यादा लीड बैंक PNB (117), प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक (100), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (59) और बैंक ऑफ इंडिया (21) में फाइलें अटकी हैं। डीएम ने इन सभी के निस्तारण के लिए ब्लॉक स्तर पर तत्काल कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।
“युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें स्वावलंबी बनाना हमारी प्राथमिकता”
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि बुंदेलखंड में स्वरोजगार के असीम अवसर हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंकों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, माटीकला रोजगार योजना और ओडीओपी के तहत लोन आवेदनों को तत्काल स्वीकृत कर धनराशि वितरित करनी होगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, आरबीआई के एलडीओ विशाल यादव, डीसी एनआरएलएम सुनील कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी, अग्रणी बैंक प्रबंधक (PNB) योगेश ठाकुर, नाबार्ड के डीडीएम गौरव राघव, भानु प्रताप यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बैंकों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।




