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उन्नाव, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026
जब मानवता और सेवा की बात आती है, तो कुछ लोग बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए देवदूत बनकर सामने आते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक वाकया जिला अस्पताल उन्नाव में देखने को मिला, जहाँ ब्लड बैंक की टीम ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाकर एक बेबस माँ की रोती हुई आँखों में खुशी के आँसू ला दिए।
जब अपनों ने फेरा मुँह, तब अस्पताल प्रशासन बना मददगार
चौरा रोड (लोकननगर) की रहने वाली गीता देवी शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे से जिला अस्पताल के बाहर अपनी गंभीर रूप से बीमार बेटी के लिए एक यूनिट रक्त (Blood) की व्यवस्था करने के लिए भटक रही थीं। उन्होंने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और राहगीरों से रक्तदान की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के कारण वह बाहर से रक्त खरीदने में भी पूरी तरह असमर्थ थीं।
महिला की इस बेबसी और रोती-बिलखती स्थिति को देखकर जिला अस्पताल की ब्लड बैंक टीम का दिल पसीज गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. सुनील कुमार शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने बिना वक्त गंवाए कागजी प्रक्रिया पूरी की और महिला की बेटी के इलाज के लिए तत्काल एक यूनिट रक्त उपलब्ध कराया। समय पर खून मिलने से मरीज को तुरंत ब्लड चढ़ाया गया, जिससे उसकी जान बच सकी।
खुशी के आँसुओं के साथ गूंजा— “ब्लड बैंक की जय हो!”
खून मिलने के बाद माँ गीता देवी अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने हाथ जोड़कर पूरी टीम का धन्यवाद किया और भावुक होकर बार-बार “ब्लड बैंक की जय हो” के नारे लगाए। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं।
कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष चेतन मिश्रा ने किया पूरी टीम का सम्मान
इस मानवीय और पुनीत कार्य की जानकारी मिलते ही ‘कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन’ के संस्थापक एवं अध्यक्ष चेतन मिश्रा तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएस सहित ब्लड बैंक की पूरी टीम को सम्मान स्वरूप पटका पहनाया और पीड़ित महिला की ओर से आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर समाजसेवी चेतन मिश्रा ने कहा:
“मानवता की सच्ची पहचान यही है कि जब अपने भी साथ छोड़ दें, तब कोई अनजान व्यक्ति मदद के लिए आगे आए। हमारी संस्था ‘कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन’ भविष्य में भी किसी भी जरूरतमंद परिवार को रक्त संबंधी सहायता के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहेगी।”
इस पुनीत कार्य में रहा इनका विशेष योगदान
संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता की मिसाल पेश करने वाली टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
डॉ. अनुराग कुमार (ब्लड बैंक प्रभारी)
हर्ष तिवारी (कंप्यूटर ऑपरेटर, सीएमएस कार्यालय)
लैब टेक्नीशियन: निर्मेश पटेल, महेंद्र वर्मा, अमिताभ सिंह, सुनील कुमार पाल, राजेश कुमार, पंकज कुमार, दिनेश कुमार, गौरव निगम, सोनी देवी एवं स्मृति गुप्ता।
उन्नाव जिला अस्पताल की ब्लड बैंक टीम के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।
रिपोर्टर: देवेश प्रताप सिंह राठौर, उन्नाव (उत्तर प्रदेश)




