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रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर
लखनऊ/झांसी (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों (DMs) के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने कृषि, दुग्ध विकास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के कड़े निर्देश दिए।
UP में 85% फार्मर रजिस्ट्री पूरी, गाजियाबाद और रामपुर 100% के साथ अव्वल
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी नियमित मॉनिटरिंग कर किसानों के पंजीकरण की रफ्तार बढ़ाएं।
राष्ट्रीय उपलब्धि: प्रदेश में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 85% (2,45,94,831) किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जिससे यूपी देश में 10वें स्थान पर पहुँच गया है।
100% लक्ष्य वाले जिले: गाजियाबाद और रामपुर ने 100% फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर ली है।
गाटों के अंश निर्धारण में अग्रणी जिले: अमरोहा, हरदोई, पीलीभीत, शाहजहांपुर, महोबा, बहराइच, हमीरपुर, मुरादाबाद और ललितपुर 99% कार्य पूर्ण कर प्रदेश में सबसे आगे हैं।
16 अगस्त से शुरू होगी ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ (ई-खसरा पड़ताल)
मुख्य सचिव ने बताया कि खरीफ-2026 के लिए ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल क्रॉप सर्वे) का विशेष अभियान 16 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है।
सभी DMs को निर्देश दिया गया है कि सर्वेयरों का चयन, ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण कार्य समय से पूरा करें।
अभियान शुरू होने से पहले सभी सर्वेयरों को शत-प्रतिशत कार्य आवंटित करने के आदेश दिए गए हैं।
नंद बाबा दुग्ध मिशन: 35% बैंक लोन की अनिवार्यता खत्म, अगस्त में लगेंगे ‘दुग्ध कॉन्क्लेव’
राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि हर गाँव में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाए।
बड़ा बदलाव: योजना के तहत अब 35% बैंक ऋण की बाध्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक कर दिया गया है। अब लाभार्थी अपने निजी बजट से भी यूनिट लगा सकते हैं और अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
अगस्त में कॉन्क्लेव: पशुपालकों व दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं की जानकारी देने के लिए अगस्त माह में हर जिले में ‘दुग्ध कॉन्क्लेव’ आयोजित किए जाएंगे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ चलाएं राहत कार्य
प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय पर राशन किट उपलब्ध कराई जाए और जिलाधिकारी खुद संवेदनशील इलाकों का दौरा कर राहत व बचाव कार्यों की निगरानी करें।




