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बांगरमऊ (उन्नाव)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात को आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। चक्रवाती हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश के कारण जहां एक ओर सैकड़ों किसानों की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं दूसरी ओर दर्जनों स्थानों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति व आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सुबह लंबी दूरी के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
खेतों में तैरती दिखीं फसलें, बागवानों को भारी नुकसान
फसलें हुईं जमींदोज:
बांगरमऊ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें तेज हवाओं के कारण पूरी तरह बिछ गईं। खेतों में हुए भारी जलभराव की वजह से कटी हुई फसलें पानी में तैरती नजर आईं।
सब्जियां और बाग पूरी तरह नष्ट:
तेज हवाओं के झोंकों से आम के बागों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। पेड़ों पर लदे आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। इसके अलावा मिर्च, टमाटर, लौकी और तोरई जैसी हरी सब्जियों की फसलें भी इस पानी और तेज हवा में पूरी तरह नष्ट हो गईं।
रास्तों पर गिरे विशालकाय पेड़, अंधेरे में डूबा कस्बा
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बांगरमऊ को जोड़ने वाले कई मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों पर विशालकाय नीम, पीपल और यूकेलिप्टस के पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे।
यातायात हुआ ठप: कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से रात से ही वाहनों के पहिये थम गए।
बिजली संकट: दर्जनों स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे उखड़ने से पूरा बांगरमऊ कस्बा और ग्रामीण अंचल पूरी तरह अंधेरे में डूब गया है।
राहत कार्य जारी:
सुबह होते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमें हरकत में आईं। जेसीबी (JCB) और कटर मशीनों की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन सुचारू कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
खुले आसमान के नीचे आए परिवार, मुआवजे की मांग
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि आधी रात को अचानक आए इस चक्रवाती तूफान ने संभलने का मौका भी नहीं दिया। कई घरों के टीन शेड और छप्पर उड़ने से गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है।




