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भारत। उत्तर प्रदेश में बहुत सारे प्राइवेट नर्सिंग होम है कुछ नर्सिंग होम की खामियों के कारण सभी नर्सिंग होम पर गलत व्यवहार करना तथा मारपीट करना डॉक्टर से यह सरासर गलत है, डॉक्टर कभी भी किसी का अहित नहीं करता है मरीज का जितनी उसको नॉलेज है समझदारी है और जितना उसका हुनर है वह पूरा लगा देता है, अपने मरीज को बचाने के लिए उसके बाद अगर कोई घटना दुर्घटना हो जाती है तो परिजन के तीमारदार डॉक्टर के साथ गलत व्यवहार करते हैं, वहां के स्टाफ के साथ अभद्रता करते हैं, यह गलत है। मैंने एक बहुत बड़े लखनऊ के डॉक्टर हैं मैंने उनसे प्रश्न किया डॉक्टर साहब आप ईमानदारी से बताइएगा आपका किसी मरीज से या तीमारदार से कभी कहा सुनी हो जाए, और संजोग से वह आपके पास इमरजेंसी में इलाज के लिए कुछ दिन बाद आ जाए तो आप उसके साथ क्या व्यवहार करेंगे,डॉक्टर साहब ने इतना मधुर और अच्छा जवाब दियाउन्होंने कहा कि मरीज परेशान होता है तीमारदार भी परेशान होते हैं, उन्होंने कहा उनकी ना समझी है लेकिन मैं अपने पेशे के साथ गद्दारी नहीं कर सकता मेरा मैरिज मेरे लिए बहुत अहम है, उसको ठीक करने के लिए मैं पूरा प्रयास करता हूं नहीं होता है तो मैं आगे रेफर कर देता हूंपरन्तु मेरी ताकत में जितना भी होता है मैं पूरी मेहनत और अपनी पढ़ाई का पूरा प्रयोग करता हूं, यह बात सुनकर मैं डॉक्टर साहब से यह सुना तो मै बहुत प्रसन्न हुआ और मैं उसी दिन से यह सोच लिया कि डॉक्टर कभी भी किसी के मरीज को मारता नहीं है,वह बचाता है कुछ लोग पैसा ना देने के कारण नर्सिंग होम में उपद्रव करते हैं, गलत बयान बाजी करते हैं यह सब आज नहीं होना चाहिए क्योंकि डॉक्टर ईश्वर का प्रतिनिधि होता है, वह भी भगवान से डरता है वह ऐसा नहीं करेगा किसी मरीज का नुकसान हो जाए ऐसा मेरी सोच है, और मेरा विश्वास भी है। सरकार नर्सिंग होम मार पीट अभद्रता डॉक्टर के सात करते हैं उनके स्टाफ को पीटते हैं ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ऐसे लोग पूरे समाज को दूषित करते हैं।
देवेश प्रताप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




