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उत्तर प्रदेश झांसी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम “खेल-खेल में योग” का आयोजन 12-13 जून 2025 को न्यू एरा पब्लिक स्कूल, झाँसी में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अभिनव आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाल्यावस्था से ही योग के प्रति बच्चों में रुचि एवं जागरूकता उत्पन्न करना था, ताकि एक स्वस्थ, सशक्त एवं संतुलित समाज की नींव रखी जा सके। इस अवसर के मुख्य अतिथि प्रो. एस.के. काबिया डीएसडब्लू बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी जिन्होंने बालमन को योग से जोड़ने की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जिसे बचपन से अपनाना सबसे श्रेष्ठ निवेश है विशिष्ट अतिथि श्री अनिल पटेल (प्रख्यात समाजसेवी एवं शिक्षाविद्) ने बच्चों के प्रदर्शन को प्रेरणास्पद बताते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होती हैं। इस समग्र आयोजन का सफल संचालन एवं समन्वयन योग दिवस 2025 के नोडल अधिकारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा किया गया, जिन्होंने ‘योग एक धरती, एक स्वास्थ्य’ थीम पर आधारित कार्यक्रम को शिक्षाप्रद, मनोरंजक और जनहितकारी रूप में प्रस्तुत किया। न्यू एरा पब्लिक स्कूल, झाँसी के लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रस्तुति दी जिसमें योग की पारंपरिक मुद्राओं के साथ-साथ मलखंभ, समूह आसन, तथा खेल आधारित मुद्राओं का समावेश था। बच्चों ने अनुशासन, लय, संतुलन और मनोबल का ऐसा अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित दर्शकों, अभिभावकों और शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर डॉ राजीव बबेले जी ने कहा मल्लखंभ केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध पारंपरिक शारीरिक-मानसिक साधना का प्रतीक है। यह योग, व्यायाम, कला और अनुशासन का संगम है, जो न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि आधुनिक जीवनशैली के तनाव से मुक्ति पाने का एक प्रभावी साधन भी है। कार्यक्रम की विशेष थीम ‘नन्हें कदमों के संग योग की ओर’ के अंतर्गत छोटे बच्चों को एक आनंदमयी, जीवंत और प्रेरणादायक योग सत्र में सम्मिलित किया गया। इस सत्र में शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन पर विशेष बल दिया गया। इसमें बच्चों को योग के लाभों की सरल भाषा में जानकारी दी गई और खेल-खेल में योग को दिनचर्या में अपनाने की प्रेरणा दी गई। इस आयोजन में आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों और विभिन्न संस्थानों के बच्चे, शिक्षकगण एवं अभिभावक बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा सहभागिता को स्मृति चिह्न एवं योग साहित्य भेंट कर प्रोत्साहित किया गया। यह आयोजन यह दर्शाता है कि योग अब सिर्फ एक व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और स्वास्थ्य नीति का अभिन्न अंग बन चुका है। इस पूरे आयोजन ने यह प्रमाणित कर दिया कि जब योग को बाल्यावस्था में ही खेल और आनंद के साथ जोड़ा जाए, तो वह जीवनपर्यंत स्थायी संस्कार के रूप में विकसित होता है।
इस अवसर पर श्री रवि प्रकाश उपाध्यक्ष मलखंभ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया सचिव उत्तर प्रदेश, अनिल कुमार पटेल तकनीकी चेयरमैन मलखंभ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया खेलो इंडिया विशेषज्ञ और निर्णायक, डॉ के.एल. सोनकर, डॉ विनोद कुमार बौद्ध, डॉ यज्ञपाल सिंह, हेमंत चंद्रा, ललित वर्मा, अंकित साहू और स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे l
देवेश प्रताप सिंह राठौर,ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




