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मुरैना। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी आंगनबाड़ियां न्यूनतम 25 दिवस नियमित रूप से संचालित हों। यदि इससे कम दिन आंगनबाड़ी खुली पाई गई तो संबंधित सुपरवाइजरों के विरुद्ध नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ओ.पी. पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय, सिविल सर्जन डॉ. गजेन्द्र सिंह तोमर, सभी बीएमओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ियों में प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे नाश्ता तथा दोपहर 12 बजे भोजन का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाए। इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुपरवाइजरों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाए। यदि किसी केंद्र पर भोजन वितरण में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कार्यकर्ता तत्काल सुपरवाइजर को सूचित करें और सुपरवाइजर लिखित रिपोर्ट सीडीपीओ को प्रस्तुत करें। आवश्यकतानुसार संबंधित समूहों में परिवर्तन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा टीएचआर वितरण के दौरान एफआरएस पहचान की प्रगति 85 प्रतिशत से कम पाए जाने पर संबंधित सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में लक्ष्य पूर्ति के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर देते हुए कहा कि मार्च माह में अतिरिक्त कार्य कर 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो हितग्राही अपने गांव से बाहर होने के कारण आधार संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें होली पर्व के अवसर पर गांव आने पर प्राथमिकता से समाधान उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर ने एनआरसी की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी बिस्तर खाली न रहे तथा वहां पोषण, स्वच्छता, विद्युत, पंखे, रख-रखाव और स्टाफ के व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सेम-मेम, पोषण ट्रैकर, आभा आईडी, अपार आईडी, एचसीएम एवं टीएचआर सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन सुपरवाइजरों की प्रगति कम है, वे अगली बैठक तक उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें।
बीरेंद्र सिंह कुशवाह, ब्यूरो चीफ मुरैना




