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गोपाल बसेड़िया
पूर्व मंत्री ने मुख्य सचिव से नियम विरुद्ध की गई खरीदी की उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग की
भिण्ड । पूर्व नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा को शिकायती पत्र लिखकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रभारी संयोजक
संजय जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है।
डॉ. सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि जिले के अनुसूचित जाति विभाग के छात्रावासों आदि संस्थाओं के लिए लगभग एक करोड़ रूपयों के अनुउपयोगी सामान की खरीदी वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पूर्व जल्दबाजी में नियम विपरीत निम्न स्तर की सामग्री खरीद कर भारी भ्रष्टाचार किया गया है,जिसकी शिकायतें जिले के अनुसूचित जाति के गोहद विधायक केशव देसाई सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारों द्वारा करने के बाद भी कोई कार्यवाही न कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि कलेक्टर भिण्ड द्वारा नियम विरूद्ध खरीदी करने से पूर्व अखिलेश शर्मा एसडीएम भिण्ड प्रभारी संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग भिण्ड को हटाकर संजय जैन महिला बाल विकास अधिकारी भिण्ड को प्रभारी संयोजक का चार्ज दिया जाकर निम्न स्तर की सामग्री बाजार भाव से तीन से चार गुने से अधिक भावों में खरीदी गई। उन्होंने कहा कि शासन के नियमानुसार खरीदी की समिति में जिले के अनुसूचित जाति के जनप्रतिनिधि का होना अनिवार्य है, परन्तु कलेक्टर भिण्ड एवं प्रभारी संयोजक संजय जैन द्वारा अनुसूचित जाति के गोहद विधायक को उक्त खरीदी में न बुलाकर खरीदी प्रक्रिया से दूर रखा गया। प्रभारी संयोजक द्वारा जिस एजेंसी से खरीदी गई है, वह निर्धारित मापदण्ड पूर्ण नहीं करती है,अधिकारियों द्वारा एजेंसी से सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेज लगवाकर उसको निविदाएं दी गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि सॉई इण्टर प्राईजेज द्वारा क्रमांक 9 पर जी.एम.पी. सर्टिफिकेट की शर्त जो मेडीकल से संबधित है, इसका प्रमाण पत्र शायद ही म.प्र. में किसी भी फर्म पर हो,सांई इण्टरप्राईजेज द्वारा फर्जी बनाकर प्रस्तुत किया गया है,एजेंसी द्वारा जो भी प्रमाण पत्र लगाये गये अधिकांश कूटरचित हैं,क्योंकि यह फर्म न तो सप्लाई किये जाने वाले सामान की निर्माता है और न ही डीलर है,उक्त फर्म द्वारा बाजार से कम दामों में सामान खरीदकर बाजार भाव से 3 से 4 गुना दामों में शासन को सप्लाई कर लाखों रूपयों का नुकसान पहुंचाया गया है। जिले के छात्रावासों की बगैर किसी मांग के ऐसी भीषण गर्मी के सीजन में रजाई,गद्दे,तकिया जैसे अनुपयोगी सामान की खरीदी करना अपने आप में खरीदी प्रक्रिया को दोषपूर्ण बनाता है। जेम पोर्टल पर जारी किए गए टेण्डर में जिन शर्तों का उल्लेख किया गया। उनमें से अधिकांश शर्ते सांई इण्टरप्राईजेज पूर्ति नहीं करती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रभारी जिला संयोजक द्वारा कलेक्टर भिण्ड के संरक्षण में उक्त नियम विरूद्ध की गई खरीदी की गोहद विधायक केशव देसाई सहित जिले के जनप्रतिनिधयों एवं पत्रकारों द्वारा कलेक्टर भिण्ड सहित सचिव राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली,आयुक्त अनुसूचित जाति विभाग भोपाल को की गई। जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों द्वारा खरीदी के सम्बन्ध में संजय जैन प्रभारी संयोजक से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि आप आर. टी.आई. के तहत जानकारी लो मैं सम्पूर्ण जानकारी दूंगा। जिसके तहत दिनांक 14/03/2024 को रामजीलाल शाक्य बी.टी.आई रोड भिण्ड एवं उनके द्वारा दिनांक 02/04/2024 को आर.टी.आई. के तहत नियमानुसार जानकारी मांगी गई परन्तु निर्धारित अवधि व्यतीत होने बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग भिण्ड द्वारा सामान खरीदी हेतु जिस साई इण्टरप्राईजेज फर्म को निविदाएं प्रदान की गई हैं, उसके द्वारा टेंडर प्रक्रिया में नियमानुसार लगाये गये कूट रचित दस्तावेजों की जांच होना अति आवश्यक है।
डॉ. सिंह ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा कि नियम विरूद्ध सामान खरीदी में किये गये भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराकर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेण्डर प्राप्त करने वाली फर्म के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाये।
वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानसिंह कुशवाहा,डॉ. राधेश्याम शर्मा,रामहर्ष सिंह कुशवाह,ब्रजेंद्र सिंह राजावत कल्लू ,सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह भदौरिया के अलावा कई कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।




