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इसमें जनप्रतिनिधि सहयोगी बनें – कलेक्टर
कलेक्टर की अध्यक्षता में भावांतर, ई-विकास प्रणाली, जल गंगा संवर्धन, एचपीवी वैक्सीन के संबंध विस्तार से समीक्षा बैठक संपन्न
मुरैना। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा है कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल गंगा संवर्धन, भावान्तर, नरवाई प्रबंधन, ई-विकास प्रणाली और एचपीवी वैक्सीन 14 से 15 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को लगे, इसके लिए जनप्रतिनिधि लोगों को प्रेरित करें। ये बात उन्होंने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मुरैना में जनप्रतिनिधियों से कही।
इस अवसर पर महापौर शारदा सोलंकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव, समस्त एसडीएम, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य के अलावा कृषि, जिला पंचायत, स्वास्थ्य, पीएचई और जनपद सीईओ मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि प्रदेश सरकार की भावांतर योजना वर्ष 2025-26 के लिए (सरसों उपार्जन हेतु) है। इस योजना के तहत जिले में 63 पंजीयन केन्द्र स्थापित किए गए है। इन पंजीयन केन्द्रों पर किसान 20 मार्च तक पंजीयन कराएं। उन्होंने बताया कि भावांतर योजनान्तर्गत सरसों की विक्रय अवधि 23 मार्च से 30 मई 2026 नियत की गई है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत 1 मार्च से 22 मार्च के मध्य कृषकों द्वारा मंडी में सरसों का विक्रय किया गया है तो भावांतर भुगतान हेतु उस कृषक की कुल पात्रता सीमा में से विक्रय की गई मात्रा घटाकर शेष मात्रा ही भावांतर भुगतान हेतु पात्र होगी। भावांतर योजनान्तर्गत सरसों उपार्जन हेतु शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रूपये प्रति क्विंटल है एवं वर्तमान में जिले में मंडी दर 5800-6000 रूपये प्रति क्विंटल है।
नरवाई जलाने के नुकसान
बैठक में बताया कि नरवाई जलाने से खेत में मिट्टी की उर्वरता घटती है। लाभदायक जीव नष्ट होते है, मिट्टी सतह कठोर होती है, पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य पर असर, कार्बनिक पदार्थो की मात्रा घटती है एवं मिट्टी की जल धारण क्षमता कम हो जाती है। इसके लिए कृषकों को स्वचलित रीवर कम बाईण्डर, स्ट्रा रीपर यंत्रों का उपयोग करना चाहिए। इस प्रकार के यंत्र जे फार्मा पर किराए पर भी उपलब्ध है।
जल गंगा संर्वधन अभियान की समीक्षा
बैठक में बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से शुभारंभ हो रहा है। इसके लिए जल संरक्षण, जल संरचनाओं के संर्वधन और जल स्त्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से व्यापक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जिनमें जनभागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। बताया गया कि मुरैना जिले में 1072 खेत तालाब प्रगतिरत है, इनको उच्च गुणवत्ता के साथ तकनीकी अमले को देखरेख में पूर्ण करना है। नवाचार के रूप में खेत तालाबों में कृषकों को पॉलीथिन बिछाकर जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
जनप्रतिनिधि 14 से 15 वर्ष तक की किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए सहयोगी बने
बैठक में बताया कि जिले में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में टीकाकरण केन्द्र बनाए गए है। इस प्रकार मुरैना जिले में 13 टीकाकरण केन्द्र स्थापित है। यह टीका बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचाने में अत्यंत प्रभावी है और एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।




