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मध्यप्रदेश का इस वर्ष का बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा
भिण्ड। नवीन एवं नवकरणीय उर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते दस वर्षों में किए गए गरीब कल्याण, सुशासन के कामों और जनहित की योजनाओं के कारण ही मध्यप्रदेश विकास की रफ्तार बढ़ी है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में जो बजट प्रस्तुत किया गया है, वह जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में योगदान देने वाला है। श्री राकेश शुक्ला ने यह जानकरी आज भिण्ड प्रवास के दौरान दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद संध्या राय, विधायक भिण्ड नरेन्द्र सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण तथा पत्रकारगण उपस्थित थे।
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। 62 वर्षों बाद देश ने किसी प्रधानमंत्री को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में जनादेश देकर स्वीकारोक्ति की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप युवा, गरीब, महिला और किसान सहित समाज के सभी वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। राकेश शुक्ला ने कहा कि इन सभी वर्गों के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव की सरकार लगातार कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार का हाल ही में 03 जुलाई को विधानसभा में प्रस्तुत बजट प्रदेश की जनता को आत्मनिर्भर बनाने के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में योगदान देने वाला है। मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन मस्तिक में मध्यप्रदेश का विशिष्ट स्थान है। बीते 10 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश को अपना विश्वास, स्नेह, आर्शीवाद भी प्रदान किया है।
बजट से कुशल वित्तीय प्रबंधन
राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। कर्मठ व जुझारू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में सरकार का प्रयास है कि आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के वार्षिक बजट के आकार को दोगुना किया जाए। इस संबंध में पहला कदम 2023-24 के बजट की तुलना में बिना कोई नया कर लगाये वर्ष 2024-25 के बजट में 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। निरंतर कुशल वित्तीय प्रबंधन एवं आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश में प्रतिव्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। 2003-04 में प्रति व्यक्ति आय मात्र 13 हजार 465 रूपये थी, जो कि बढ़कर अब लगभग 11 गुना हो गई है। जनवरी-2024 में जारी रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश के 2 करोड़ 30 लाख लोग गरीबी से बाहर आये हैं। पिछले 10 वर्षो में चार करोड़ प्रधानमंत्री आवास बनाए गए हैं। तीसरे कार्यकाल में 3 करोड़ नए आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत मध्यप्रदेश में लाखों मकान बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश सरकार का यह बजट डॉ. मोहन यादव की सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास को मिली गति
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के माध्यम से 299 किलोमीटर का अटल प्रगति पथ, 900 किलोमीटर का नर्मदा प्रगति पथ, 676 किलोमीटर के विंध्य एक्सप्रेस-वे, 450 किलोमीटर के मालवा-निमाड़ विकास पथ, 330 किलोमीटर के बुंदेलखण्ड विकास पथ एवं 746 किलोमीटर के मध्य भारत विकास पथ के कार्य गतिमान हैं। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में सुगम यातायात के लिये एलीवेटेड कॉरीडोर निर्माणाधीन हैं। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर में बायपास के साथ शहर में आने वाले सभी मार्गों को फोर लेन अथवा 8 लेन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 2024-25 में लगभग 1 हजार किलो मीटर सड़क का निर्माण एवं लगभग 2 हजार किलो मीटर सड़कों का नवीनीकरण होने जा रहा है।
जल-जीवन मिशन प्रारंभ कर जल क्रांति को जन्म दिया गया है। इस योजना के तहत 70 लाख 86 हजार 293 घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंच चुकी है। प्रति वर्ष प्रति किसान रूपये 12 हजार की सम्मान निधि लगभग 82 लाख किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में कुल 2 हजार 190 गौ शालाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 3 लाख गौवंश हैं। गौवंश को प्रतिदिन 40 रूपए आहार के लिए प्रदेश सरकार दे रही है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024-25 को गौवंश रक्षा वर्ष के रूप में भी मना रही है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता 2028-29 तक 1 करोड़ हेक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के पूर्ण होने पर प्रदेश के 10 जिलों के 1 हजार 900 ग्रामों में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा के साथ-साथ 41 लाख की आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।
रोजगार और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 42 हजार पदों पर भर्ती प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक लगभग 1 करोड़ 8 लाख परिवारों के 4 करोड़ 1 लाख सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। गरीबों को दूसरे शहरों में इलाज के लिए तुरंत पहुंचाने पीएमश्री एयर एंबुलेंस शुरू की गयी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएमश्री पर्यटन हेलीकॉप्टर और वायुसेवा भी शुरू की गयी है। उपचार के दौरान दुर्भाग्य से किसी की मृत्यु हो जाने पर पार्थिव शरीर, परिजनों को सम्मानपूर्वक सौंपकर, घर तक पहुंचाने के लिये ’मध्यप्रदेश शांति वाहन सेवा’ प्रारंभ की गई है।
महिला सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को बराबरी का हक दिया है। सरकार की लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, उज्जवला योजना, मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वामित्व का अधिकार दिए जाने से महिलाओं में आत्मविश्वास की वृद्धि हुई है। प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत प्रारंभ से लेकर अब तक 48 लाख 3 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में पिछले वर्ष के बजट अनुमान रूपये 75 करोड़ में 3 गुना से अधिक वृद्धि की गई है। बैगा, भारिया, सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु पी.एम. जन-मन योजना के अन्तर्गत इस वर्ष 22 नवीन छात्रावास प्रारंभ किये जा रहे हैं। क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन, तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर की स्थापना की गई है। सागर में संत रविदास स्मारक स्थापित किया जा रहा है। मंडला में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापित की गई है।
हर वर्ग के लिए कार्य कर रही सरकार
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का भुगतान करने की सबसे लंबित मांग का प्रदेश सरकार ने समाधान किया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3000 रू. प्रति बोरा से बढ़कर 4000 रू. किया गया है। 35 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ देने का निर्णय किया गया है। किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नामांतरण, बंटवारा और सीमाकंन के 3 लाख 70 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया है। 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रूपये का स्व-रोजगार ऋण वितरित किया गया है।




