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देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश झांसी। मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 1968 में हुई थी तथा भारत के सबसे विशालतम क्षेत्रफल में झांसी मेडिकल कॉलेज स्थापित है, लगभग 380 एकड़ भूमि में है। इतना पुराना मेडिकल कॉलेज होते हुए भी इतना क्षेत्रफल होते हुए भी लेकिन वह सुविधा नहीं थी जो उन मेडिकल कॉलेज में हुआ करती है आज भी उतनी अधिक सुविधा नहीं है लेकिन जब से वर्तमान सीएमएस सचिन माहुर और पूर्व प्रिंसिपल के सहयोग से झांसी मेडिकल कॉलेज में काफी विकसित हुआ है, और बहुत सी चीज मरीज के हित के लिए नहीं थी जो नहीं थी वह आज है, झांसी मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हो गई हैं, मरीज के हित के लिए अब मेडिकल कॉलेज में सुविधा परिपूर्ण हो रही हैं और धीरे-धीरे जो कमी है मुझे लगता है सरकार उनको भी पूरा करेगी।झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को हाल ही में कई बड़ी सौगातें मिली हैं, जिसमें 174 करोड़ रुपये की लागत से बना 500 बेड का नया आधुनिक अस्पताल ब्लॉक शामिल है। इसके अलावा, दांतों के इलाज के लिए रियायती दर (17-250 रुपये) पर नई सुविधा और बुंदेलखंड का पहला आई बैंक (नेत्र बैंक) भी यहां स्थापित किया जा रहा है।
झांसी मेडिकल कॉलेज की प्रमुख उपलब्धियां और सौगातें:
500 बेड का नया अस्पताल: 15,600 वर्ग मीटर में निर्मित इस बिल्डिंग में 8 ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
सस्ता दंत चिकित्सा क्लिनिक: रोटरी क्लब की मदद से शुरू हुए इस विभाग में 17 रुपये में स्केलिंग और 250 रुपये में रूट कैनाल जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नेत्र बैंक बुंदेलखंड में पहली बार मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक का प्रस्ताव मंजूर हुआ है, जिससे नेत्र प्रत्यारोपण आसान होगा। फेलोशिप: सर्जरी विभाग के डॉ. नीरज कुमार बनोरिया ने प्रतिष्ठित अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन की फैलोशिप प्राप्त की है। इस संदर्भ में हमारी सीएमएस सचिन माहुर से बात हुई पुरानी झांसी मेडिकल को उच्च कोटि की सुविधाओं हेतु मरीजों के लिए निरंतर कल्याण हेतु कार्य करते रहते हैं और अधिक से अधिक मैंने भी देखा है सीएमएस रात हो या दिन हो हमेशा मरीजों के लिए तत्पर रहते हैं, और उनकी हर संभव मदद करते हैं जो भी सरकार की तरफ से संभव होती है।




