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भिण्ड उत्तर प्रदेश के जनपद लखनऊ में विगत दिनों घटित हुई दुखद अग्नि दुर्घटना जैसे हादसों की रोकथाम और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झाँसी विकास प्राधिकरण (JDA) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत (अवैध रूप से) संचालित किए जा रहे कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध सील की कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में दिनांक 29.06.2026 को झाँसी विकास प्राधिकरण के सभागार में उपाध्यक्ष महोदय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। इस बैठक में नगर नियोजक, अधिशाषी अभियंता, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) और क्षेत्र के कोचिंग सेंटर के संचालक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सीएफओ द्वारा फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) प्राप्त करने की महत्ता बताते हुए नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई।
बैठक में इन मुख्य बिंदुओं पर बनी सहमति और दिए गए निर्देश:
1. वैध संस्थानों के दस्तावेजों की होगी जांच:
बैठक के दौरान कुछ कोचिंग संचालकों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके कोचिंग परिसर का मानचित्र प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत है और वे सभी मानकों का पालन करते हुए संचालन कर रहे हैं। इस पर उपाध्यक्ष महोदय ने नगर नियोजक को निर्देश दिए कि वे इन परिसरों की स्वीकृति संबंधी अभिलेखों (दस्तावेजों) की बारीकी से जांच करें और नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
2. अवैध निर्माण को नियमित (Compound) कराने का मौका, शर्तें लागू:
कुछ संचालकों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि उनके संस्थान स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और मानकों का उल्लंघन करते हुए चल रहे हैं। कोचिंग संचालकों ने सहमति जताई कि वे अपने परिसर का वर्तमान स्थिति के अनुसार नया मानचित्र प्राधिकरण में प्रस्तुत कर उसे स्वीकृत कराएंगे।
उपाध्यक्ष का निर्देश: उपाध्यक्ष महोदय ने साफ किया कि कोचिंग संचालक परिसर का प्रयोजन (Purpose) स्पष्ट करते हुए शमन (Compounding) की प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करें। इसमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि सीएफओ (CFO) द्वारा जारी फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) समेत सभी प्रकार की एनओसी साथ में संलग्न होनी चाहिए, तभी शमन पर विचार किया जाएगा।
3. बिना मानचित्र वाले कोचिंग संस्थान तत्काल होंगे बंद:
अवैध रूप से चल रहे संस्थानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपाध्यक्ष महोदय ने आदेश जारी किए हैं कि जिन कोचिंग संस्थानों का मानचित्र स्वीकृत ही नहीं है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले ऐसे संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षा मानकों से नहीं होगा कोई समझौता
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोचिंग संस्थानों में हजारों छात्रों का भविष्य और जीवन जुड़ा होता है, इसलिए फायर सेफ्टी और स्वीकृत मानचित्र के मानकों से किसी भी दशा में समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ झाँसी विकास प्राधिकरण द्वारा सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




