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झांसी, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026
उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मियों की छुट्टियों) के बाद 01 जुलाई 2026 से एक बार फिर परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य शुरू होने जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार इसी दिन से “आओ स्कूल चलें अभियान” का भी विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (DM) गौरांग राठी ने ‘रानी लक्ष्मीबाई कंपोजिट जूनियर हाईस्कूल (नगर क्षेत्र)’ का औचक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में आयोजित ‘अभिभावक-शिक्षक संवाद’ में प्रतिभाग किया और बच्चों को समग्र प्रगति पत्र व स्टेशनरी वितरित की।
DM ने तिलक लगाकर किया नव-प्रवेशित बच्चों का स्वागत
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने स्कूल में नया दाखिला लेने वाले (नव-प्रवेशित) छात्र-छात्राओं को खुद तिलक लगाया, माला पहनाई और उनका परिचय लेते हुए हौसला बढ़ाया। जिलाधिकारी ने बच्चों को रोज स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने ‘निपुण’ छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी बांटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे”
“जनपद में 06 से 14 वर्ष की आयु का कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। परिषदीय विद्यालय अब ‘कायाकल्प’ और ‘मिशन प्रेरणा’ के बाद किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। यहाँ हर कमरा प्रिंट रिच, रीडिंग कॉर्नर और बेहतरीन किताबों से लैस है।”
— गौरांग राठी, जिलाधिकारी (झांसी)
शत-प्रतिशत नामांकन के लिए शिक्षकों को दिए ‘इन्नोवेटिव आइडिया’
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि “एक भी बच्चा छूटा, संकल्प हमारा टूटा।” उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश व सुझाव दिए:
शिक्षकों की टोली करेगी गृह-भ्रमण: स्कूल खुलने के बाद शिक्षक प्राथमिकता के आधार पर गांवों और वार्डों में घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
ग्राम स्तर पर बनेगी बच्चों की टोली: बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करने हेतु गांवों में बच्चों की टोलियां बनाई जाएंगी जो अन्य बच्चों व अभिभावकों को जागरूक करेंगी।
कक्षा 1 और 6 के लिए विशेष नवाचार: कक्षा 1 और 6 में आने वाले नए छात्रों को स्कूल के प्रति आकर्षित करने के लिए शिक्षक नई गतिविधियां और ‘नवाचार’ (Innovative) शिक्षण पद्धति अपनाएं।
एस्ट्रोनॉमी लैब और लाइब्रेरी: बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर उन्हें पुस्तकालय (Library) और एस्ट्रोनॉमी लैब (खगोल विज्ञान प्रयोगशाला) के बारे में भी बताया जाए।
जिलाधिकारी ने याद दिलाया कि सरकार द्वारा डीबीटी (DBT) योजना के माध्यम से बच्चों के लिए निशुल्क ड्रेस, जूते-मोजे और बैग के पैसे सीधे खातों में भेजे जा रहे हैं और मुफ्त पाठ्य पुस्तकें भी दी जा रही हैं।
समुदाय को जागरूक करने के लिए पिलाई पोलियो की दवा
शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में ही 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स (दवा) पिलाई। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के सभी छोटे बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस विशेष उत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. शिशिर पुरी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जितेंद्र कुमार गौड़, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र), जिला स्काउट मास्टर सुनील द्विवेदी सहित विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य और भारी संख्या में अभिभावक व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्टर: देवेश प्रताप सिंह राठौर, झांसी (उत्तर प्रदेश)




