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उत्तर प्रदेश उन्नाव। 19 जनवरी से शाम 7 बजे से “स्टार प्लस” चैनल पर आने वाले सीरियल” तोड़ कर दिल मेरा “में जनपद उन्नाव के रंगकर्मी जब्बार अकरम “जेलर “की भूमिका में नज़र आयेगें, पूरब खेड़ा सिविल लाइन के एक साधारण परिवार में जन्में रंगकर्मी जब्बार अकरम में 1990 में “अमीबा” नाटक जिसके निर्देशक श्री विजय पंड़ित जी थे, उनके साथ अभिनय शुरू किया, जब्बार अकरम को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित भी किया जा चुका है। अनुष्ठान, उदय सांस्कृतिक संस्थान, लोक परिवर्तन युवा कल्याण समिति, नाट्यमंच,नाट्य शिल्पी,अनुकृति रंगमण्डल, कानपुर, की संस्थाओं से अब तक नाटक अमीबा, उनकी मौत, राजा का बाजा, जाँच पड़ताल, राज दर्शन, तमाचा, पुरुष, बकरी, बिच्छू, कन्जूस, साँझ, लड़की है तो क्या हुआ, वाह रे शहर, दरोगा जी, दो पैसे की जन्नत, राजा का बाजा , मिर्जा की बाइसिकल, सहित लगभग 30 नाटको में अभिनय व निर्देशन कर चुके है। उनके लिखे सामाजिक नाटक
वाह रे शहर, ये लड़की है तो क्या हुआ, दरोगा जी, के सम्भागीय नाट्य समारोह में मंचन भी हो चुके हैं,पेन्टर/आर्टिस्ट के काम से परिवार का गुज़ारा करते हुये रंगमंच मे अभी भी बराबर सक्रिय हैं ,अपने रंगमंच अभिनय के लम्बे सफर में उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, में अपने अनेक नाटक कर चुके हैं। श्री विजय पंडित जी से अभिनय की बारिकियाँ सीखते हुए 1992 में पहली बार लखनऊ दूरदर्शन के नाटक “उनकी मौत” में पहली बार टेलीविज़न पर दिखे, निर्देशक श्री अशरफ हुसैन थे। फ़िल्म बुलेट राजा, मिलन टाकीज़, मिशन मजनू, फैमली ऑफ ठाकुरगंज, मचान, रायबरेली, प्यारा कुल्हड़, एक्टिंग का भूत, छोलाछाप, जाइये आप कहां जायेंगें, वेब सीरीज, ए सुटेबल ब्याय, गृहण और कुछ सावधान इंडिया में पुलिस आफीसर की भूमिका में नज़र आ चुके हैं।
उनके सीरीयल आने की खुशी में उनके रंगकर्मी साथी डॉ. ओमेंद्र श्रीवास्तव,राघवेन्द्र सिंह, शफी अहमद खान, एस०के० टाइगर, मो० आमिर, जया उपाध्याय, सविता उपाध्याय, मो० रफीक, अनुराग यादव, मो० सलीम रंगरेज,मो. आज़म अकरम, अभिषेक वर्मा, अस्मिता उपाध्याय,उमेश अग्निहोत्री,रहमान रूमी, रिज़वान अख़्तर, विकास द्विवेदी,शैलेन्द्र तिवारी,राघवेन्द्र कुमार पाल, एडवोकेट एवं डॉ. प्रेम चंद्र सिंह जी प्रबंधक/ प्रोड्यूसर ( फ़िल्म- प्यारा कुल्हड़) ने बधाई दी।
देवेश प्रताप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ




