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उन्नाव। पुलिस उत्पीड़न और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। बीघापुर क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत की है कि पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे को बेवजह पीटा, धमकाया और फर्जी मुकदमे में फंसाया है। महिला ने पुलिस पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का पुत्र अमित कुमार, जो बाहर रहकर मजदूरी करता है, उसे 24 दिसंबर को एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) उन्नाव के नाम पर एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जानकारी मांगी। इसके बाद अमित को लगातार फोन पर धमकी दी गई कि यदि सहयोग नहीं किया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बता दे कि महिला का आरोप है कि बाद में थाना बीघापुर के तत्कालीन थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी इस मामले में शामिल हो गए। उन्होंने अमित को फर्जी तरीके से आरोपी बताकर थाने बुलाया और दबाव बनाया। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि 24 दिसंबर की रात करीब 2:36 बजे एक दरोगा, दो सिपाही और एक चालक जबरन घर में घुस गए और अमित कुमार को घसीटते हुए थाने ले गए। थाने में भी अमित कुमार के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके चेहरे, कान और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पीड़िता के अनुसार, पुलिस ने अपनी करतूत छिपाने के लिए अमित कुमार का चालान कर न्यायालय भेज दिया, जहां से उसे जमानत मिल सकी। 25 दिसंबर को जिला अस्पताल उन्नाव में कराए गए मेडिकल परीक्षण में चोटों की पुष्टि हुई है। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी बार-बार फोन कर पैसे की मांग कर रहे थे और न देने पर पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। इस मामले से आहत होकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। एसपी ने प्रकरण की जाँच कराकर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।




