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आज गोहद नगर में पुखराज भटेले (संस्थापक व्यवस्था परिवर्तन) के नेतृत्व में 19 वर्षीय मनीषा के आरोपियों को फांसी दो और जल्द न्याय दिलाने के लिए पुराने हास्पीटल से नया बस स्टैंड तक पैदल यात्रा निकाली।।
भिण्ड। हरियाणा के भिवानी ज़िले में 19 वर्षीय प्ले-स्कूल शिक्षिका मनीषा की बर्बर हत्या ने पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है। 11 अगस्त को घर लौटते समय लापता हुई मनीषा का शव 13 अगस्त को सिंहानी गाँव के पास खेत में मिला। गला रेते जाने और हड्डियों तक के गायब होने जैसी भयावह सच्चाई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
जन आक्रोश और परिवार की पीड़ा
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने में देर की।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर दिल्ली-पिलानी रोड जाम किया, महापंचायतें कीं और “Justice for Manisha” का नारा बुलंद किया।
परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए साफ कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और CBI जांच का आश्वासन नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार और प्रशासन की भूमिका में
लगातार बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मामले की कमान खुद संभालनी पड़ी।
मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।
भिवानी के SP को ट्रांसफर किया गया और पाँच पुलिसकर्मी निलंबित हुए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवाएँ 48 घंटे तक बंद रहीं।
जनता और समाज की माँग
यह मामला सिर्फ एक शिक्षिका की हत्या का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और विश्वास का सवाल है। आज हर माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। इसलिए सरकार से अब केवल CBI जांच नहीं, बल्कि ठोस और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है:
1. आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और तेज़ ट्रायल।
2. दोषियों को कठोरतम दंड (मृत्युदंड तक) दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
3. पुलिस की जवाबदेही तय हो – जिन अधिकारियों ने लापरवाही दिखाई, उन्हें सिर्फ निलंबन नहीं बल्कि कानूनी दंड भी दिया जाए।
4. महिला सुरक्षा के लिए ठोस नीति और निगरानी व्यवस्था तत्काल लागू हो।
मनीषा की मौत ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर शिक्षित और मेहनतकश बेटियाँ भी इस तरह असुरक्षित हैं, तो आमजन का जीवन कैसा होगा। सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह इस घटना को न्याय का उदाहरण बनाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी बेटियों की ओर नज़र उठाने से पहले सौ बार सोचे।।
मार्च निकालने वालों में पुखराज भटेले (संस्थापक–व्यवस्था परिवर्तन), अंतराम प्रजापति फौजी,बंटी जादौन,अभिषेक भटेले, विकास शुक्ला,दिवाकर भटेले,अमन कटारे,आकाश बाजपेई,सूरज बाथम, रमेश आर्य,नवल बाथम, कान्हा पंडित, सिद्धार्थ कुशवाहा,करण सोनी, युवराज डंडोतिया,हर्ष तोमर,अतुल शर्मा,पप्पू पाराशर,सौरभ मुद्गल और भी कई संख्या में युवा उपस्थित रहे।।
पुखराज भटेले
संस्थापक–व्यवस्था परिवर्तन
जिला महामंत्री–राष्ट्रीय सनातन सेना
जिला उपाध्यक्ष–श्री परशुराम सर्व ब्राह्मण संघ




