जी भारत न्यूज24
भिण्ड। जिले को बाल विवाह रहित बनाया जाना एक बड़ी चिनौती है। बाल विवाह का प्रभाव बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर पड़ता है। सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित होते है। बाल विवाह से संबंधित सामाजिक कुप्रथाओं और मानसिकता में बदलाव लाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा लाड़ो अभियान प्रारंभ किया गया।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर कहा है कि बाल विवाह रोकने एवं बाल विवाह के प्रकरण पाये जाने पर शासन नियमों अनुसार सख्त कानूनी कार्यवाही करने हेतु आपके सहयोग की आवश्यकता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के नियम 11 के तहत आपसे अनुरोध है कि आप विवाह हेतु बालक एवं बालिका के उम्र संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षण (बालक 21 बर्ष या उससे अधिक व बालिका 18 बर्ष या उससे अधिक) के उपरांत ही सेवायें प्रदाय करेंगे। प्रिटिंग प्रेस द्वारा मुद्रित की जा रही विवाह पत्रिका में ’’वर-बधू की विवाह योग्य विधि अनुरूप मान्य उम्र है’ का उल्लेख किया जावे। (बालक 21 बर्ष या उससे अधिक व बालिका 18 बर्ष या उससे अधिक) आपके उक्त प्रयास एवं सहयोग से भिण्ड जिले को बाल विवाह रहित बनाया जा सकता है। अतः इस कुरीति को खत्म किये जाने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करें।




