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भिण्ड । यौगिक क्रियाओ में प्रशिक्षित,नियमित गीता स्वाध्याय करने वाले,के. डी. आर. विद्या निकेतन के संस्थापक स्व. मनोज ऋषिश्वर की पावन स्मृति में स्थानीय हाउसिंग कॉलोनी में गीता स्वाध्याय पाठ का भव्य आयोजन किया गया |कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण एवं स्व.मनोज ऋषिश्वर के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गयाइस अवसर पर विश्व गीता प्रतिष्ठानम के केंद्रीय महामंत्री विष्णु नारायण तिवारी ने गीता स्वाध्याय पत्र का वाचन किया | उन्होंने गीता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गीता एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है,जो महाभारत के भीष्म पर्व का एक भाग है यह ग्रंथ जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालता है जैसे कि कर्म कर्तव्य ज्ञान भक्ति और मोक्ष | उन्होंने आगे बताया कि गीता पारिवारिक जीवन के महत्व को भी रेखांकित करती है और सिखाती है कैसे परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और स्वभाव से रहना है उन्होंने घर पर प्रतिदिन गीता स्वाध्याय करने का सभी से आवाहन किया । इस अवसर पर गीता के मुख्य वक्ता रघुराज दैपुरिया ने त्वमेव माता च पिता त्वमेव के बारे में बताते हुए कहा कि लोग इसका शब्द अर्थ करते हैं, उन्होंने लक्ष्य अर्थ कराया कि वही परमात्मा माता और पिता कैसे दिखता है माया और ईश्वर मिले होने से एक रूप होने से बंधु रूप में दिखता है वही समरूप साकार निराकार सम होने से सखा रूप में दिखता है,माया से ईश्वर अलग नहीं हो सकता इसलिए बंधु है और सब मिलकर माया ईश का विलय
परमात्मा में रहता है,इसीलिए यह सभी भाव लय होकर केवल परमात्मा रहता है उसमें सभी भाव का लयहै | कर्म की यथार्थ मीमांसा समझाई कि कर्म के चार भेद होते हैं,अकर्म ( ईश्वरीय प्रणीत)कर्म (ब्रह्मदेव प्रणीत )विकर्म (श्रुतियुक्त कर्म ) अन्य कर्म ( ऋषि मुनि प्रणित )| गीता में भगवान ने कहा है कि कर्म
को बड़े-बड़े विद्वान नहीं जान पाए हैं।
सुभाषित का वचन विश्व गीता प्रतिष्ठा नाम के जिला प्रभारी विष्णु कुमार शर्मा ने किया अमृत वचन धर्मेंद्र सिंह केंद्रीय मीडिया प्रभारी द्वारा बोला गया, श्रीमती अंजना चौहान द्वारा गीता के ग्यारह श्लोक का वाचन किया गया इन श्लोको की व्याख्या रघुराज दैपुरिया जी द्वारा की गई| प्रदीप ऋषिश्वर श्री अरुण ऋषिश्वर शशि ऋषिश्वर एवं परिवारी जनों द्वारा उपस्थित सभी श्रोताओं का आत्मीय स्वागत किया गया कार्यक्रम का संचालन पूर्व वरिष्ठ ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर के वरिष्ठ भानू श्रीवास्तव द्वारा किया गया कार्यक्रम के अंतिम चरण में आमंत्रित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया सम्मानित किया गया | अंत में गीता जी की आरती के बाद अनुराग ऋषिश्वर द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित श्रोताओं का गरिमा में वाणी में आभार प्रदर्शन किया प्रसाद वितरण के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ इस अवसर पर महेंद्र बाबू तिवारी,राजेंद्र भदौरिया,कृष्ण अवतार शर्मा, रामदुलारे तिवारी,धर्म सिंह भदोरिया,बलदेव शर्मा,केदार शर्मा पूर्व सरपंच,डब्बल शर्मा पूर्व सरपंच,मुलायम सिंह चौहान,के. पी.कटारे,रामबाबू चौधरी,कुलदीप राजावत,महेंद्र शर्मा,दुर्गा दत्त शर्मा,अमित शर्मा,रामराज वर्मा, अंकित बंसल,शैलेश सक्सेनाआदि उपस्थित रहे|




